Baran के घूसखोर कलेक्टर Indra singh Rao का नया ठिकाना Kota की सेंट्रल जेल !

इंद्र सिंह राव का पीए उनके लिए घूस लेता था. भनक एसीबी को लगी तो कोटा एसीबी ने जाल बिछाया और सबूत जुटा लिए.

Baran के घूसखोर कलेक्टर Indra singh Rao का नया ठिकाना Kota की सेंट्रल जेल !
इंद्र सिंह राव का पीए उनके लिए घूस लेता था.

कोटा: जिले में भ्रष्टाचार (Corruption) की इबारत लिख रहे तत्कालीन कलेक्टर इंद्र सिंह राव (Indra singh Rao) और उनके इस गुनाह की सज़ा कोटा सेंट्रल जेल (Kota Central Jail) में ठिकाना बैरक नंबर 27 होगा. 

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पूरा मामला बता देते हैं कलेक्टर साहब का. इंद्र सिंह राव का पीए उनके लिए घूस लेता था. भनक एसीबी को लगी तो कोटा एसीबी ने जाल बिछाया और पेट्रोल पंप के लिए NOC जारी करने की एवज़ में एक लाख की रिश्वत के साथ कलेक्टर साहब का पीए गिरफ़्तार हुआ. 

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पूछताछ शुरू हुई तो जिसके लिए रिश्वत ली जा रही थी, उसका नाम भी खुलकर आना था तो पीए महावीर ने एसीबी को दिए बयान में साफ़ कहा कि ये रक़म कलेक्टर साहब के कहने पर उनके लिए ही ली गई थी. फिर एसीबी ने पड़ताल को आगे बढ़ाया. सबूत जुटाए और कलेक्टर साहब पूरे काली रक़म के खेल के सरगना निकले. सबूतों के साथ कलेक्टर साहब की गिरफ़्तारी जयपुर एसीबी ने की पूछताछ और पड़ताल में कलेक्टर साहब करोड़पति निकले. अपनी काली रक़म की कमाई से साहब ने ख़ूब सम्पत्ति जुटाई. देश के अलग-अलग शहरों में फ़्लैट, मकान और भूखंड निकल कर आए.

मुकर गया भ्रष्टाचारी कलेक्टर 
जेल भेजे जाने से पहले कोर्ट में पेशी से पहले एसीबी ने कलेक्टर के गुनाहों की फ़ाइल सामने लाने के लिए डीजे कोर्ट के समक्ष नार्को टेस्ट ओर वॉइस टेस्ट की मांग की लेकिन पहले ही एसीबी को जांच में सपोर्ट कर रहा भ्रष्टाचारी कलेक्टर मुकर गया.

ख़ैर जो भी हो, पड़ताल जारी है लेकिन कलेक्टर साहब को उनके किए की सज़ा मिल ही चुकी है. कलेक्टरी जा चुकी है और जेल का रास्ता बन चुका है. अब एसीबी अपनी तफ़्तीश को आगे बढ़ाकर कलेक्टर साहब के गुनाहों की फ़ाइल को मज़बूत करने में जुटी है.