राजस्थान में बढ़ा सूदखोरों का प्रकोप, कई किसानों ने की आत्महत्या

पिछले दो साल में सूदखोरों की कारगुजारियों के चलते सीकर जिले में एक दर्जन से अधिक किसान आत्‍महत्‍या कर चुके हैं

राजस्थान में बढ़ा सूदखोरों का प्रकोप, कई किसानों ने की आत्महत्या
सूदखोर कर्ज के एवज में कर्जदार से खाली स्‍टांप और चेक पर साइन करवा लेते हैं

अशोक शेखावत/सीकर: सूदखोरों के मक्‍कड़जाल ने प्रदेश के किसानों को पूरी अपनी गिरफ्त में ले लिया है. खबर के मुताबिक सुदखोर लोगों को कर्ज देकर पहले उन्‍हें चंगुल में फंसाते है फिर उससे कई गुना रूपए ऐंठते है. आलम यह है कि मूल से भी कई गुना रूपया देने के बाद भी कर्जदार उनके कर्ज के तले दबा रहता है. सूदखोर इतना दबाव बनाते हैं कि कई लोग मौत को अपने गले लगा रहे है. यह सिलसिला सीकर में कई सालों से चला आ रहा है. दर्जनों लोग सूदखोंरों की कारगुजारी से तंग आकर आत्‍महत्‍या कर चुके हैं. सूदखोरों पर कार्रवाईयों की मांग को लेकर कई दफा प्रदर्शन हो चुके हैं लेकिन सूदखोरों के हौसले दिन दौगुने और रात चौगुने हो रहे है.

पिछले दो साल में सूदखोरों की कारगुजारियों के चलते सीकर जिले में एक दर्जन से अधिक किसान आत्‍महत्‍या कर चुके हैं. कई मामले तो पुलिस के पास दबाव में पहुंचते ही नहीं है. इसी सप्‍ताह लक्ष्‍मणगढ़ के राजेश जांगिड की आत्‍महत्‍या और सूसाइड नोट में सूदखोरों के दबाव के चलते आत्‍महत्‍या के बाद खुलासा हुआ है कि सूदखोरों की कारगुजारी अभी तक बदस्‍तूर जारी है. तत्‍कालीन पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार के कार्यकाल में कुछेक सूदखोरों की गिरफ्तारी हुई लेकिन बाद में पुलिस की कार्रवाई ढीली होते ही वापस सूदखारों के हौसले बुलंद हो गए है हालांकि सूदखोरी का धंधा पूरे राजस्‍थान में फैला हुआ है. 

सूदखोर मूल राशि में पहले दो रूपए सैकडें कर्ज पर रूपए देते हैं और उसके एवज में कर्जदार से खाली स्‍टांप और चेक पर साइन करवा लेते हैं और यहीं से शुरू होता है सूदखोरों का असली खेल. सीकर के रहने वाले एक पीड़ित ने बताया कि वह सूदखोरों के मक्‍कड़जाल में ऐसा फंसा कि वह अभी तक नहीं निकल पा रहा है. पुलिस में भी गुहार लगा चुका है लेकिन उसे न्‍याय नहीं मिला है. सूदखोर कई गुना रूपए कर्ज वसूलना शुरू कर देते है यहां तक कि कर्जदार मूल राशि से कई गुना राशि अदा करने के बाद भी वह सूदखोर का कर्जदार बना रहता है.

हाल ही में लक्ष्‍मणगढ़ के राजेश जांगिड ने आत्‍महत्‍या कर ली. परिजनों ने इस मामले में सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है. राजेश जांगिड के परिजन बताते हैं कि सूदखोरों से परेशान होकर ही राजेश जांगिड ने आत्‍महत्‍या की है. परिजन सूदखोरों पर सख्‍त कार्रवाई की मांग कर रहे है. गौरतलब है कि पिछले साल सूदखोरों की कारगुजारियों से परेशान होकर कई लोगों ने आत्‍महत्‍या की. यहां तक कि लोगों ने सीकर जिले में प्रदर्शन किए जिसके बाद तत्‍कालीन पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने सूदखोरो के खिलाफ अभियान चलाया जिसमें कई कर्जदार पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे.

हालांकि अब सूदखोरों के खिलाफ शिकायत आने के बाद पुलिस का रवैया ढुलमुल रहता है और कई मामलों में तो पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्‍ध रही है. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें आई है जिनकी जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इसी सप्‍ताह कई मामले पुलिस के पास सूदखोरों की कारगुजारी के आए है इनमें से नीम का थाना पुलिस ने एक सूदखोरों को गिरफ्तार जरूर किया है. कई मामलों में पीड़ित सूदखोरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है अब देखना है कि पुलिस सूदखोरों की कारगुजारी पर लगाम पाती है या नहीं.