close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पहलू खान मामले पर अशोक गहलोत का बयान, कहा- हमारी सरकार ने नहीं डाला चार्जशीट में नाम

अलवर में जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर अप्रैल, 2017 में पहलू खान को पीट-पीटकर मार डाला गया था. उस समय राज्य में वसुंधरा राजे के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार थी.

पहलू खान मामले पर अशोक गहलोत का बयान, कहा- हमारी सरकार ने नहीं डाला चार्जशीट में नाम
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि भीड़ के द्वारा मारे गए डेयरी किसान पहलू खान का नाम उनकी सरकार ने आरोप-पत्र में शामिल नहीं किया है. पहलू खान को उसकी मौत के दो साल बाद पशु तस्करी के मामले में नामजद किया गया है. दो साल पहले वर्ष 2017 में भीड़ ने पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी थी. 

राजस्थान पुलिस ने शनिवार को पहलू खान के खिलाफ एक आरोप-पत्र दायर किया, जिसमें उसके खिलाफ गोतस्करी और गोवध करने का आरोप लगाया गया है.

अलवर में जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर अप्रैल, 2017 में पहलू खान को पीट-पीटकर मार डाला गया था. उस समय राज्य में वसुंधरा राजे के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार थी.

खान अपने बेटों के साथ जयपुर के एक मेले से मवेशियों को खरीद कर हरियाणा के नूंह स्थित अपने घर ला रहा था. 

गहलोत ने कहा कि उनकी कांग्रेस पार्टी देश में कहीं भी किसी भी तरह की भीड़ द्वारा मार दिए जाने की घटना के खिलाफ है और इसका विरोध करने के लिए वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है. 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है कि ऐसा दोबारा न हो. 

गहलोत ने ट्वीट की एक श्रृंखला में कहा, "इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर वास्तव में गलत है."

उन्होंने कहा, "दिवंगत पहलू खान का नाम राजस्थान पुलिस द्वारा दिसंबर, 2018 में प्रस्तुत चार्जशीट में नहीं है. यह एक अलग मामला है, जो पिछली सरकार के तहत 2017-18 में (खान के बेटों) आरिफ व इरशाद और मोहम्मद (ट्रांसपोर्टर) के खिलाफ दर्ज किया गया था."

उन्होंने कहा, "चूंकि आरोपपत्र में आरोपी का नाम दिसंबर 2018 में प्रस्तुत करने के समय मौजूद नहीं था, इसलिए जिला अदालत ने 24 मई, 2019 को चालान को स्वीकार कर लिया. हालांकि यदि जांच पूर्व निर्धारित इरादे से की गई होगी तो हमारी सरकार इसे देखेगी."

इस बीच, बेहर एसएचओ सुगंध सिंह ने कहा कि एक मृत व्यक्ति के खिलाफ आरोप-पत्र दायर नहीं किया जा सकता है और इसमें उन सभी का नाम दर्ज है, जो उस समय खान के साथ थे.

उन्होंने आगे कहा, "जांच के बाद, 30 दिसंबर 2018 को एक अंतिम फाइल तैयार की गई, जिसे 24 मई को अदालत में प्रस्तुत किया गया था."

यह पूछे जाने पर कि क्या खान को कभी आरोपी बनाया गया था, एसएचओ ने कहा, "2018 में मामले की जांच करने वाले लोग इस बात का बेहतर जवाब दे सकते हैं कि क्या उनकी जांच में पहलू खान को आरोपी घोषित किया गया था."

पहलू खान का परिवार मामले के घटनाक्रमों से हैरान है.

उसके बड़े बेटे इरशाद ने कहा, "हमारे परिवार को यह जानकर काफी निराशा हुई है. हम उम्मीद कर रहे थे कि कांग्रेस सरकार हमारे खिलाफ मामला वापस लेगी, लेकिन यह जानकर हैरानी हुई कि उन्होंने हमारे खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है."

(इनपुट आईएएनएस)

उसने कहा, "हम राज्य की कांग्रेस सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन आरोप-पत्र के आने के बाद हम हैरान हैं."