राजस्थान में खाकी को वर्दी का इंतज़ार, PHQ परेशान

कांस्टेबल भर्ती को लेकर बेरोजगारों में तो खुशी है, लेकिन पुलिस मुख्यालय असमंजस में है और इसकी वजह है ट्रेनिंग के दौरान वर्दी का सामान है. 

राजस्थान में खाकी को वर्दी का इंतज़ार, PHQ परेशान
5000 हजार कांस्टेबलों पर 3 करोड़ 75 लाख का खर्च

विष्णु शर्मा, जयपुर: कांस्टेबल भर्ती को लेकर बेरोजगारों में तो खुशी है, लेकिन पुलिस मुख्यालय असमंजस में है और इसकी वजह है ट्रेनिंग के दौरान वर्दी का सामान है. दरअसल सरकार ने वर्दी सामान देने का सिस्टम खत्म कर दिया है. अब अधिकारियों को वर्दी भत्ता दिया जाएगा. इसी वजह से असंजस की स्थिति बन गई है.

राजस्थान पुलिस(Rajasthan Police) में पांच हजार कांस्टेबल की भर्ती की जानी है. पुलिस मुख्यालय(Police Headquarter) ने भर्ती के लिए 4 दिसंबर को विज्ञप्ति भी जारी कर दी है. दो दिन बाद अभ्यर्थियों के आवेदन भी आना शुरू हो जाएंगे और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, लेकिन भर्ती के बाद नए रंगरूटों की ट्रेनिंग को लेकर पीएचक्यू परेशान है. 

दरअसल, ट्रेनिंग के दौरान नए रंगरूटों को पीएचक्यू की तरफ से वर्दी आयटम दिए जाते हैं. वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष 2019-20 से कांस्टेबल से एएसआई तक के लिए वर्दी आयटम के बजाय 7000 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता देने की घोषणा की है. वर्दी भत्ता भी अगले साल से दिया जाएगा. वहीं नए रिक्रूट कांस्टेबस को वर्दी आयटम दिए जाएंगा या भत्ता, ये बात अफसरों की गले की फांस बना हुआ है.

पुलिस मुख्यालय(Police Headquarter) में तैनात एडीजी पुलिस आधुनिकीकरण यूआर साहू ने एसीएस गृह को पत्र लिख कर पुलिस मुख्यालय की इस नई परेशानी का जिक्र किया है. साहू ने लिखा है कि वर्तमान में नए रिक्रूट कांस्टेबल को परिवीक्षा काल में निश्चित पारिश्रमिक के अलावा कोई भत्ता नहीं दिया जाता है. ऐसी स्थिति में यह तय किया जाना अपेक्षित है कि रिक्रूट कांस्टेबल को प्रशिक्षण के दौरान पहले की तरह वर्दी आयटम खरीद कर देने हैं या फिर वर्दी भत्ता देना है.