राजस्थान: अनुजा निगम द्वारा 4 साल में 62 फीसदी लाभार्थियों को नहीं मिला लाभ

अनुजा निगम बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का काम करता है. जिसमें एससी, एसटी, सफाई कर्मचारियों और दिव्यांगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाते हैं

राजस्थान: अनुजा निगम द्वारा 4 साल में 62 फीसदी लाभार्थियों को नहीं मिला लाभ
2019 में अक्टूबर तक 47 हजार में से केवल 7372 लाभार्थियों को ही उनका हक मिला

आशीष चौहान/जयपुर: राजस्थान में अनुजा निगम, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का ऐसा अंग है जो समाज में पिछली जातियों के आर्थिक उत्थान की उम्मीदों को बांधता है. लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि पिछले चार साल में अनुजा निगम केवल 40 फीसदी लाभार्थियों को भी उनका हक नहीं दे सका. यानि 60 प्रतिशत लाभार्थी अनुजा निगम की योजनाओं से वंचित रह गए. बता दें कि अनुजा निगम बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का काम करता है. जिसमें एससी, एसटी, सफाई कर्मचारियों और दिव्यांगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाते हैं. 

पिछली वसुंधरा राजे सरकार में दावे तो बहुत हुए, लेकिन उन्हें अमलीजामा पहनाने का काम नहीं हो पाया. वहीं योजनाएं तो संचालित हुई, लेकिन लाभार्थियों को उनका हक नहीं मिला. ऐसा ही हाल हुआ अनुजा निगम की योजनाओं का. इसकी सबसे बड़ी वजह ये रही कि निगम ने बजट ही खर्च नहीं किया तो पात्र लाभार्थियों तक राशि पहुंचना तो दूर ही बात है. 

2015 से लेकर 2019 तक अनुजा निगम के विशेष केंद्रीय सहायता योजनाओं में 196501 व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था ,लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ 76535 लाभार्थियों को ही उनका हक मिला. विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतगर्त स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए का अनुदान दिया जाता है. जबकि अनुजा निगम ने केवल और केवल 38 फीसदी लाभार्थियों तक ही राशि पहुंची, बाकी 62 फीसदी लाभार्थी अनुजा निगम से आस लगाकर बैठे ही रह गए.

2016 में 47 हजार से ज्यादा लाभार्थियों तक योजनाओं पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन इनमें से केवल 25 हजार लाभार्थी ही लाभान्वित हुए. इसके बाद 2017 में 47 हजार में से मात्र 20 हजार लाभार्थियों को उनका हक मिल सका. वहीं 2018 मे 53 हजार में से केवल 23 हजार लाभार्थियों को अनुजा निगम की योजनाओं को लाभ मिला. 2019 में अक्टूबर तक 47 हजार में से केवल 7372 लाभार्थियों को ही उनका हक मिला.

अब गहलोत सरकार के आने के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भवंरलाल मेघवाल ने दावा किया है कि 'इन योजनाओं को क्रियान्वयन ठीक तरह से किए जाएगा,उनका कहना है कि इन योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रचार प्रसार ठीक से नहीं हुआ. अब कांग्रेस सरकार आई है तो प्रचार प्रसार ठीक तरह से होगा,जिससे आवंटित बजट भी इस्तेमाल हो सकेगा और योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को भी मिल सकेगा.'

अनुजा निगम की योजनाओं से 1 लाख 19 हजार से ज्यादा लाभार्थी वंचित रह गए. चुनाव के दौरान इन्हीं दिव्यांगजनों और पिछली जातियों को निशाना बनाकर पार्टी वोट बैंक की राजनीति करती है, लेकिन अब जब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा तो ये जातियां और दिव्यांगजन संबल नहीं बन पाएंगे.