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राजस्थान: SMS अस्पताल में इलाज से पहले बतानी होगी धर्म और जाती, यह है कारण

आमतौर पर मरीजों से उनके धर्म के बारे में पूछा जाता है जो कि एक नियमित प्रक्रिया है. अस्पताल अधीक्षक से लेकर अन्य चिकित्सक इसे मेडिकल साइंस से जुड़ा हुआ विषय बताते हैं. 

राजस्थान: SMS अस्पताल में इलाज से पहले बतानी होगी धर्म और जाती, यह है कारण
फाइल फोटो

जयपुर: प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्‍पताल की ओर से मरीजों का इलाज करने से पहले धर्म और उपनाम पूछने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है. हालांकि ये फैसला नया नहीं तकरीबन डेढ़ साले से अस्पताल में ऐसा किया जा रहा है. दरअसल अस्‍पताल के ओपीडी में पंजीकरण कराने की जो व्यवस्था है उसमें मरीज के नाम के साथ-साथ उनका धर्म और उपनाम भी अवश्य भरना निर्देशों में शामिल किया गया है. 

यह व्यवस्था नई नहीं है. आमतौर पर मरीजों से उनके धर्म के बारे में पूछा जाता है जो कि एक नियमित प्रक्रिया है. अस्पताल अधीक्षक से लेकर अन्य चिकित्सक इसे मेडिकल साइंस से जुड़ा हुआ विषय बताते हैं. इस डेटा के आधार पर मरीजों के लिंग, जातीय स्थिति, धर्म और क्षेत्र के बारे में जानकारी हासिल करने से उनमें पाई जाने वाली आम बीमारियों पर शोध करने में मदद‍ मिलती है. 

ये व्यवस्था सिर्फ एसएमएस अस्पताल में नहीं बल्कि दुनियाभर के अस्पतालों में है. दरअसल, देश के स्वास्थ्य महकमे की कोशिश है इस डेटा के आधार किसी खास धर्म में किसी विशेष बीमारी के फैलने की स्थिति में त्‍वरित कदम उठाया जा सकता है. आपको बता दें खबरों में सबसे आगे रहते हुए जी राजस्थान न्यूज ने साल 2018 में अप्रैल में ही इस खबर को अपने दर्शकों तक सही जानकारी के साथ पहुंचाया था.