राजस्थान: तीन स्तरीय जांच के बाद गहलोत सरकार करेगी किसानों का ऋण माफ

ऋण पर्यवेक्षक, शाखा प्रबंधक और प्रधान कार्यालय बैंक द्धारा सत्यापन के बाद पात्र किसानों की सूची को बैंक स्तरीय कमेटी जांच करेगी

राजस्थान: तीन स्तरीय जांच के बाद गहलोत सरकार करेगी किसानों का ऋण माफ
गहलोत सरकार 7 फरवरी से ऋणमाफी शिविर लगाने जा रही है

आशीष चौहान/जयपुर: किसान ऋणमाफी योजना में वसुंधरा राजे सरकार में हुए घोटाले के बाद अब गहलोत सरकार प्रशासनिक स्तर को और मजबूत करने का काम कर रही है. सरकार के मुताबिक इससे फर्जीवाडे पर पूरी तरह से लगाम लगेगी और पात्र किसानों को उनका हक मिल सकेगा. पात्र किसानों का ऋण माफ करने के लिए सरकार ने चार चक्र बनाए है, जिससे किसी भी तरह का धांधली ऋणमाफी शिविर में नहीं हो सकेगी. 7 फरवरी से होने लगने वाले शिविर के लिए गहलोत सरकार ने तीन चक्र बनाए है.

ऋण पर्यवेक्षक, शाखा प्रबंधक और प्रधान कार्यालय बैंक द्धारा सत्यापन के बाद पात्र किसानों की सूची, बैंक स्तरीय कमेटी जांच करेगी. इसके बाद बैंक स्तरीय कमेटी जांच करेगी कि जिन किसानों की सूची बनी है, वे पात्र है भी या नहीं. बैंक स्तरीय कमेटी में केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक को समन्वयक बनाया गया है और 4 अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है. जबकि व्यवस्थापक, संबंधित सहकारी भूमि विकास बैंक के शाखा सचिव इस कमेटी के सचिव होंगे.

पिछली वसुंधरा राजे सरकार में जो संबंधित पैक्स व्यवस्थापक तय कर लेता था, उसका ही नाम आगे कर दिया जाता था और वही फाइनल सूची होती थी. उसमें किसी और का हस्तक्षेप नहीं होता था, ना तो किसी जिला अधिकारी का और ना संबंधित बैंक अधिकारियों का, इसलिए व्यवस्थापक ने मनमाने तरीके से अपात्र किसानों के भी ऋण माफ कर दिए. इतना ही नहीं मृत किसानों को इस लिस्ट में शामिल करते हुए व्यवस्थापकों ने फर्जी तरीके से ऋणमाफ करवाए.

गहलोत सरकार 7 फरवरी से ऋणमाफी शिविर लगाने जा रही है. जिसमें केवल व्यवस्थापकों के भरोसे ही किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा. सबसे पहले ऋण पर्यवेक्षक, उसके बाद बैंक द्धारा शाखा प्रबंधक या प्रधान कार्यालय किसानों की सूची को सत्यापित करेगा. इसके बाद बैंक स्तरीय कमेटी पूरी सूचियों की जांच करेगी कि क्या वाकई में जो सूची बनाई गई है वो ठीक है भी या नहीं. इसके बाद में किसानों को ऋणमाफी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा. सहकारिता मंत्री उदयलाल आजंना ने कहा है कि सभी पात्र किसानों को ही नौकरी मिलेगी, किसी भी अपात्र किसानों को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा.

इसके अलावा सहकारिता विभाग ने पिछली सरकार में हुए घोटाले और अनियमितताएं के कारण अपात्र किसानों से ऋण की रिकवरी के आदेश दिए है. डूंगरपुर, चुरू, भरतपुर, कोटा समेत कई जिलों में फर्जी तरीके से लाभ उठाए गए ऋणमाफी प्रमाण पत्र दिया गया था. लेकिन अब इन सभी अपात्र किसानों के रिकवरी की जाएगी. विभाग ने पुरानी सूचनाओं और आईडी को पोर्टल से हटाने के आदेश भी दे दिए है ताकि नए स्तर से पात्र किसानों को लाभ मिल सके.