राजस्थान सरकार स्कूल की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन किया

डोटासरा का आरोप है कि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए नवाचारों के नाम पर पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन के नाम पर इतिहास, संस्कृति और महान व्यक्तित्वों को नकारा है.

राजस्थान सरकार स्कूल की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन किया

 

ललित वर्मा.जयपुर: पिछली बीजेपी सरकार के दौरान शिक्षा विभाग में पाठ्यक्रमों में कई आमूल-चूल परिवर्तन किए थे. चाहे वो इतिहास की पुस्तकें हो या फिर महान व्यक्तित्वों को नकारने वाले अध्याय हैं. नई सरकार ने आते ही इन पाठ्यक्रमों में बदलाव के संकेत दिए थे और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने जल्द इसके बदलाव के संकेत भी दिए थे. शिक्षा मंत्री के आदेश के बाद अब पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है. 
डोटासरा का आरोप है कि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए नवाचारों के नाम पर पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन के नाम पर इतिहास, संस्कृति और महान व्यक्तित्वों को नकारा है.

कक्षा एक से लेकर कक्षा 12 तक की पाठ्यपुस्तकों की समुचित समीक्षा के लिए दो कमेटियों का गठन किया गया है जो इन पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा कर 20 फरवरी तक सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. कक्षा एक से कक्षा 8 तक की बनाई गई कमेटी का समन्वयक पूर्व कुलपति आईवी त्रिवेदी को बनाया गया है तो कमेटी में सदस्य के रूप में सहायक आचार्य जीएन घसिया,राजीव बगड़िया और आशीष व्यास को जगह दी गई है.
 
कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी का समन्वयक आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष बीएल शर्मा को बनाया गया है,,तो वहीं कमेटी में सहायक आचार्य सुनीता पचार, सहायक आचार्य सोहन लाल मीणा और सहायक आचार्य पवन भंवरिया को को सदस्य बनाया गया है. 

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा की पूर्व सरकार ने स्वार्थ पूर्ति के लिए नवाचारों के नाम पर जो पाठ्यक्रमों में बदलाव किया गया है. और इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है. और 20 फरवरी को कमेटी द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद ही पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर निर्णय लिया जाएगा.