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राजस्थान: बकाया बिलों की रिकव्री के लिए बॉलीवुड गानों का सहारा ले रहा जलदाय विभाग

करोड़ों रुपए के बकाया चल रहे पानी के बिल वसूलने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग अभियान चला रहा है. अभियान के तहत विभाग अब सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हो गया है.

राजस्थान: बकाया बिलों की रिकव्री के लिए बॉलीवुड गानों का सहारा ले रहा जलदाय विभाग
फाइल फोटो

जयपुर: जलदाय विभाग बकायदारों को जगाने के लिए बालीवुड के फिल्मी गाने का इस्तेमाल कर रहा है. मनोज कुमार और जया बच्चन की शोर फिल्म के गाने के साथ बकायदारों पर कार्रवाई का संदेशा दे रहा है. मनोज कुमार और जया बच्चन की शोर फिल्म का गाना आजकल राजस्थान के सरकारी दफ्तरों में खूब गूंज रहा है. ये गाना किसी मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि सरकारी दफ्तरों से संदेश दे रहा है. ये संदेश प्रदेश के जलदाय विभाग पानी के बकाया बिलों की रिकवरी के लिए इस्तेमाल कर रहा है और बकाया बिलों का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की भी हिदायद दे रहा है.

करोड़ों रुपए के बकाया चल रहे पानी के बिल वसूलने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग अभियान चला रहा है. अभियान के तहत विभाग अब सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हो गया है. जलदाय विभाग की ओर से पानी का बिल जमा करवाने के लिए न केवल उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है बल्कि बिल जमा नहीं करवाने पर कनेक्शन काटने की हिदायत भी दे रहा है. 

पीएचईडी ने इसके लिए फिल्म शोर के गाने 'पानी रे पानी तेरा रंग कैसा' के जरिए एक गाना तैयार किया है. जो कि सोशल मीडिया पर चल रहा है. इस गाने के लिए जलदाय विभाग उपभोक्ताओं से पानी के बकाया बिल जमा करवाने की अपील कर रहा है. विभाग के मुख्य अभियंता शहरी एवं एनआरडब्लयू आईडी खान ने बताया कि इस गाने के जरिए उपभोक्ताओं को यह नसीहत भी दी जा रही है कि वो 500 रुपये से अधिक राशि के बकाया बिल का समय से भुगतान करें. बिल का भुगतान नहीं करने पर बिना किसी नोटिस के पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा.

गौरतलब है कि राज्य में पेयजल उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का बिल का भुगतान बकाया चल रहा है. जयपुर शहर की बात करें तो करीब 96 करोड़ रुपए का बिल बकाया चल रहा है. विभाग चालू वित्तीय वर्ष के समाप्ति के नजदीक आने पर पिछले महीने से वसूली के लिए अधिक सक्रिय है ताकि राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल किया जा सके. इसके लिए अभियान चलाकर बिल वसूली के प्रयास करने के साथ ही बड़े बकायादारों के पेयजल कनेक्शन काटे भी जा रहे हैं.