जोधपुर: मंदिर के हॉल में चल रहा स्कूल, सुबह पढ़ाई की शुरुआत भजन-कीर्तन के साथ

सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लाख दावे करे, लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है.

जोधपुर: मंदिर के हॉल में चल रहा स्कूल, सुबह पढ़ाई की शुरुआत भजन-कीर्तन के साथ
मंदिर के एक हॉल में दसवीं तक के स्कूल का संचालन

भवानी भाटी, जोधपुर: प्रदेश सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लाख दावे करे, लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है. इसका अंदाजा जोधपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय पहाड़गंज को देख कर लगा सकते है. स्कूल की जमीन होने के बावजूद यह स्कूल एक मंदिर के एक ही हॉल में चल रही है. जहां दसवीं तक के सभी कक्षा के विद्यार्थी एक ही हॉल में बैठकर ही पढ़ाई करते हैं

आज के समय में भले ही यह अजीब लगे कि किसी मंदिर के एक हॉल में दसवीं तक स्कूल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यही है. प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर के पहाड़गंज इलाके में राजकीय माध्यमिक विद्यालय का संचालन मंदिर के ऊपरी हिस्से में बने मंदिर के हॉल में किया जा रहा है. यहां अध्ययन करने वाले दसवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई सुबह मंदिर के घंटो और आरती के साथ शुरू होती है. 

ऐसे में छात्र कैसे पढ़ाई करते होंगे इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं. लोगों की माने तो स्कूल के लिए सरकार ने जमीन आवंटन की और भवन भी बना दिया, लेकिन भवन जर्जर होने के बाद इस विद्यालय को कुछ दिन के लिए मंदिर में शिफ्ट किया. कई सरकारें आई और चली गई, लेकिन ना तो भवन के लिए बजट आया और ना ही शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान दिया. ऐसे में अब विद्यार्थी मंदिर के एक हॉल में ही पढ़ने को मजबूर हैं.

इस स्कूल में 14 शिक्षक लगे हुए हैं. स्कूल की यह हालत देखकर सक्षम परिजनों ने मजबूरन अपने बच्चों को या तो किसी निजी विद्यालय में भेज दिया तो कई ने दूसरे दूर के स्कूलों में. ऐसे में अब 14 शिक्षकों वाले इस शिक्षा के मंदिर में बच्चों का नामांकन भी घटकर 90 के आस पास पहुंच गया. प्रिंसिपल कहते हैं कि अगर समय रहते भवन बन जाता तो नामांकन बढ़ने के साथ ही इलाके के गरीब बच्चों को पढ़ने की सुविधा भी मिलती. हालांकि उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनका प्रयास जारी है.