PM मोदी से मिलकर कोटा के साइंटिस्ट शहीदों की सहायता के लिए देंगे इतने करोड़

जन्म से ब्लाइंड मुर्तजा मुंबई में साइंटिस्ट हैं और वह टैक्सेबल इनकम से यह राशि सौंपने जा रहे हैं.

PM मोदी से मिलकर कोटा के साइंटिस्ट शहीदों की सहायता के लिए देंगे इतने करोड़
PM से मुलाकात के लिए उन्होंने समय मांगा है.

हिमांशु मित्तल, कोटा: शहर के मुर्तजा अली ने राष्ट्रीय राहत कोष में 110 करोड़ देने की की पेशकश की है. मुर्तजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें 110 करोड़ का चैक सौंपने जा रहे हैं.

कोटा निवासी और मुंबई में साइंटिस्ट मुर्तजा अली ने इसके लिए पीएमओ से संपर्क कर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है. बताया जा रहा है कि पीएमओ ने उन्हें दो-तीन दिन में मीटिंग फिक्स करने का जवाब भेजा है. आपको बता दें कि, वे यह राशि अपनी टैक्सेबल आय से देंगे. 

पीएम से मिलकर सौपेंगे 110 करोड़ का चेक

मुर्तजा ने बताया कि पीएम से मिलकर उन्हें 110 करोड़ का चेक सौंपेंगे. साथ ही सामाजिक कार्यों के लिए नई योजनाओं व कुछ नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी बातचीत करेंगे. 

पीएमओ के निर्देश का है इंतजार

उन्होंने यह भी बताया, ''हमने फंड में 110 करोड़ रुपए देने के लिए पूरी कागजी कार्रवाई कर रखी है. पीएमओ के निर्देश के अनुसार चेक या डीडी से भुगतान कर देंगे. बस मीटिंग फिक्स होने के ई-मेल का इंतजार कर रहे हैं.''

कोटा निवासी मुर्तजा जन्म से हैं ब्लाइंड, इजाद की है नई टेक्नोलॉजी

मुर्तजा जन्म से ब्लाइंड हैं. उन्होंने यहां के कोटा कॉमर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. उनके परिवार का पुश्तैनी बिजनेस ऑटोमोबाइल का था. ऐसे में उन्होंने मोबाइल और डिश टीवी के क्षेत्र में कार्य किया. वर्ष 2010 में वे किसी काम से जयपुर गए. वहां एक पेट्रोल पंप पर जब वे पेट्रोल लेने पहुंचे तो उसी दौरान एक युवक ने मोबाइल रिसीव किया और आग लग गई. इसका कारण जानने के लिए उन्होंने स्टडी शुरू की. इस तरह उन्होंने फ्यूल बर्न रेडियेशन टेक्नोलॉजी का इजाद किया. इस टेक्नोलॉजी के जरिए जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के बगैर ही किसी भी वाहन को ट्रेस किया जा सकता है. अब एक कंपनी के साथ करार से उनको अच्छी रकम मिली है.  

पुलवामा के शहीदों के लिए पूरा देश एकजूट

कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में देश के लिए शहीद हुए वीर जवानों के लिए पूरा देश एकजुट हुआ है. जिसमें भारत का हर नागरिक अपनी तरफ से आगे बढ़कर शहीदों के परिवार के लिए मदद के तौर पर आगे आया है. वहीं, कोटा के रहने वाले इस शख्स ने राष्ट्रीय राहत कोष में 110 करोड़ की रकम देने की पेशकश वाकई काबिलेतरफ कदम है.