जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल: जब शबाना आजमी ने जावेद अख्तर को देख फरमाई शायरी!

शायरी के बाद शबाना ने जावेद अख्तर को चुटकी लेते हुए कहा कि ये तो घर की मुर्गी दाल बराबर है.

जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल: जब शबाना आजमी ने जावेद अख्तर को देख फरमाई शायरी!
कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री शबाना आजमी और गीतकार जावेद अख्तर.

आशीष चौहान, जयपुर: ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शनिवार (26 जनवरी) को अभिनेत्री शबाना आज़मी का खास सेशन हुआ. इस दौरान सेशन में ''ओ रब्बा विद लव'' किताब पर चर्चा हुई. इस दौरान फ्रंट ल़ॉन में सेशन के दौरान जावेद अख्तर के एंट्री करने के बाद शबाना ने उन्हें देख कर एक शायरी फरमा दी. शायरी के बाद शबाना ने जावेद अख्तर को चुटकी लेते हुए कहा कि ये तो घर की मुर्गी दाल बराबर है.

शनिवार के सेशन के दौरान शबाना आज़मी ने अपने जीवन के बारे में खुलकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि गंगा जमुना की तहजीब इसी देश में बहती है. ईद- दिवाली सब एक साथ हमने बनाया. अपने जीवन के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका बचपन बहुत ही गरीबी में पला बढ़ा. इस दौरान शबाना ने अपने माता-पिता की प्रेम कहानी भी सुनाई. शेरो शायरिओं के बीच में उनकी कहानियों का सिलसिला जारी था. 

इस दौरान आज़मी ने बताया, ''अपने पिता (कैफी आजमी) से मैंने एक बार पूछा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है, क्या करूं?. जवाब में पिता ने कहा कि चाहे आप मुझसे मोची बनने की बोलती तो मैं तुम्हें ना नहीं करता. जो भी काम करे उस पर आप परफेक्ट हो. ''

इसके अलावा शबाना आज़मी ने अपने माता- पिता के आपसी रिश्तों को भी काफी मजबूत बताया. वहीं, आज की जनरेशन को उन्होंने सलाह दी कि रिश्तों को मजबूत करने का काम यंग जनरेशन को करने के लिए इससे प्रेरणा लेनी चाहिए.

शबाना के सेशन शेरो-शायरियों से आगे बढ़ता चला गया. इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद साहित्य प्रेमियों से शबाना और जावेद अख्तर ने जमकर तालियां बटोरी. शबाना ने अपनी सेशन के दौरान अपनी बातों को शायरी में ही लंबे समय तक समेटे रखा.