नागौर में शीतलहर के कारण लुढ़का पारा, रात का तापमान 5 डिग्री

कड़ाके की सर्दी के कारण लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है. दिन का टेंपरेचर जहां 20 डिग्री से उपर नहीं जा पा रहा है वहीं, रात का टेंपरेचर 5 डिग्री के नीचे आ गया है.

नागौर में शीतलहर के कारण लुढ़का पारा, रात का तापमान 5 डिग्री
प्रदेश में पिछले महीने हुई भारी ओलावृष्टि के बाद लगातार पारे में गिरावट दर्ज की गई थी

नागौर: देश के पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी की वजह से प्रदेश के मैदानी इलाकों में सर्दी सितम ढाने लगी है. वहीं, राजस्थान के नागौर जिले में पिछले 3 दिनों से शीतलहर के साथ कोहरा भी देखा जा रहा है. शीतलहर और कोहरे की वजह से अघोषित कर्फ्यू क्षेत्र में लग गया है. घरों से बाहर कुछ गिने-चुने लोग ही बाहर निकल रहे हैं.

वहीं, कड़ाके की सर्दी के कारण लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है. दिन का टेंपरेचर जहां 20 डिग्री से उपर नहीं जा पा रहा है वहीं, रात का टेंपरेचर 5 डिग्री के नीचे आ गया है. अलसुबह भी शीतलहर की वजह से हाड़ कंपाने वाली सर्दी का असर क्षेत्र में देखा जा रहा है. 

प्रदेश में पिछले महीने हुई भारी ओलावृष्टि के बाद लगातार पारे में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन गत सप्ताह थोड़ी राहत लोगों को टेंपरेचर बढ़ने से मिली थी. लेकिन फिर से पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी की वजह से पूरा प्रदेश सर्दी की चपेट में है. जिसका आंसर नागौर जिले में भी देखा जा रहा है. 

खासकर मैदानी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा है. जबकि शहरी क्षेत्र में कोहरे की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले महीने हुई भारी ओलावृष्टि के बाद लगातार बारे में गिरावट दर्ज की गई थी. लेकिन पिछले सप्ताह थोड़ी राहत लोगों को टेंपरेचर बढ़ने से मिली थी. अब फिर से पहाड़ी क्षेत्रो में हुई भारी बर्फबारी की वजह से पूरा प्रदेश सर्दी की चपेट में है. जिसका असर नागौर जिले में भी देखा जा रहा है. 

साथ ही, कोहरे की वजह से हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिन निकलने के बावजूद हेड लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. जिले के सिंचित क्षेत्रों में कोहरे का असर ज्यादा होने की वजह से विजिबिलिटी बहुत ही कम है, जो कई बार हादसों का कारण भी बन चुकी है.

हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार कोल्ड वार की यह स्थिति अभी कुछ दिन और बनी रहेगी. जिसकी वजह से आमजन को आने वाले कुछ दिनों में राहत मिलने के संकेत कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि पारे में अभी और गिरावट दर्ज की जा सकती है.