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राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों के परिणाम पर फिर उठे सवाल, कई विषयों में जीरो नंबर

जून के पहले सप्ताह से राजस्थान विश्व विद्यालय के परिणाम आने शुरू हुए. परिणामों जारी होने के साथ ही गड़बडियों की शिकायत भी आने लगी .

राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों के परिणाम पर फिर उठे सवाल, कई विषयों में जीरो नंबर
राजस्थान विश्व विद्यालय के छात्र नेता आंदोलन की राह पर उतर चुके हैं.

जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रदेश का सबसे बड़ा विश्व विद्यालय है, इसीलिए लगता है कि बड़े-बड़े विवाद भी इस यूनिवर्सिटी से जुड़े रहते हैं. अपने इन्हीं विवादों के चलते जहां राजस्थान यूनिवर्सिटी टॉप-200 की सूची से बाहर हो चुका है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है राजस्थान विश्वविद्यालय में हर साल जारी होने वाले परिणामों के विवाद. लगातार पिछले 5 सालों से यूनिवर्सिटी के परिणाम पर सवाल खड़े होते आए हैं और साल दर साल ये विवाद बढ़ते ही जा रहे हैं.

जून के पहले सप्ताह से राजस्थान विश्वविद्यालय के परिणाम आने शुरू हुए. परिणामों जारी होने के साथ ही गड़बडियों की शिकायत भी आने लगी है. पहले जारी हुए बीकॉम के सभी वर्गों के परिणाम जिसमें करीब 40 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थियों के फेल होने की शिकायत मिली. यहां तक की कई विद्यार्थियों को सभी विषयों में जीरो अंक तक दिए गए. वहीं पिछले दिनों जारी बीएससी फाइनल के परिणाम में तो इन गड़बड़ियों ने हदें पार कर दी. बीएससी फाइनल का परिणाम इस साल जहां 50 फीसदी रहा तो वहीं फेल होने वाले अधिकतर विद्यार्थियों की अंक तालिका में फिजिक्स और मैथ्स में जीरो अंक दिए गए. जिसके बाद बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है.

परिणाम में हुई गड़बड़ियों को लेकर अब राजस्थान विश्व विद्यालय के छात्र नेता आंदोलन की राह पर उतर चुके हैं. वहीं लगातार यूनिवर्सिटी में रिवाइज रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इसके लिए एडम ब्लॉक से लेकर कुलपति सचिवालय तक प्रदर्शन किया जा चुका है.

दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को सिरे से नकार रहा है. राविवि परीक्षा नियंत्रक वीके गुप्ता का कहना है कि बीकॉम के परिणामों में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है तो वहीं दूसरी ओर बीएससी में भी सरकारी और संघटक कॉलेजों के परिणाम 90 फीसदी से ऊपर रहा है. शिकायत करने पहुंच रहे अधिकतर विद्यार्थी निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले हैं.ज्यादातर वो विद्यार्थी हैं जिनके फिजिक्स और मैथ्स में फेल हुए हैं.  इनमें से अधिकतर वो विद्यार्थी हैं जिनके फिजिक्स और मैथ्स में जीरो अंक है. इन दोनों ही विषयों में जीरो अंक आना भी संभव है.

परीक्षा में फेल हुए विद्यार्थियों की शिकायत पर कदम उठाते हुए अब विवि प्रशासन ने इन विद्यार्थियों की कॉपियों को एक्सपर्ट से परीक्षण करवाने का फैसला लिया है. परीक्षा नियंत्रक वीके गुप्ता ने बताया की जो भी विद्यार्थी शिकायत कर रहा है और जिनकी शिकायत उचित पाई जा रही है उनकी कॉपियों की जांच करवाई जाएगी. यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन को कॉपियों की जांच में गड़बड़ी की रिपोर्ट पेश होती है तो बीएससी का रिवाइज रिजल्ट जारी किया जाएगा.

बहरहाल, हर साल की भांति इस साल भी विवि प्रशासन ने कॉपियों की रेंडमली जांच के बाद फैसला लेने का अपना पुराना राग अलाप रहा है. लेकिन इस बीच प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.