close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जोधपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं वैभव गहलोत, अशोक गहलोत ने दिए संकेत

वैभव के जोधपुर से चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच यह सीट राज्य में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला संसदीय क्षेत्र बन गया है

जोधपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं वैभव गहलोत, अशोक गहलोत ने दिए संकेत
कांग्रेस ने यहां से आठ बार चुनाव जीता है

जोधपुर: प्रदेश के जोधपुर लोकसभा सीट एक अलग तरह की चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हो रही है, जिसे लेकर राजस्थान की सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) दोनों फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिए हैं कि उनके बेटे वैभव गहलोत इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

वैभव के जोधपुर से चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच यह सीट राज्य में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला संसदीय क्षेत्र बन गया है. कांग्रेस ने यहां से आठ बार चुनाव जीता है, जबकि भाजपा ने चार बार चुनाव जीता है. यह सीट मौजूदा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत के पास है, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में राज्य मंत्री हैं.

शेखावत ने कहा, 'अगर वैभव इस चुनाव में लड़ेंगे, तो यह सीट देश में सबसे ज्यादा चर्चा वाली सीट बन जाएगी'. शेखावत ने कहा, 'हमने राजनीतिक दिशा बदल दी है. कांग्रेस ने मंदिर, गाय और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भाजपा का अनुसरण करना शुरू कर दिया है. कांग्रेस नेताओं ने भी 'भारत माता की जय' कहना शुरू कर दिया है'.

इस बीच, गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सोच में अंतर को देखते हुए कांग्रेस में सबकुछ सही नहीं लग रहा है. पायलट चुनाव के लिए मौजूदा मंत्रियों के रिश्तेदारों को टिकट देने के स्थान पर पार्टी कार्यकर्ताओं को नामित करने की प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं.

पायलट ने स्पष्ट कर दिया है कि वह लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने परिवार से किसी को भी आगे नहीं बढ़ाएंगे और वह इसके स्थान पर पार्टी कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहेंगे, जिससे संकेत मिलते हैं कि वह कांग्रेस मंत्रियों के रिश्तेदारों को टिकट देने से खुश नहीं हैं.

पायलट से जब यह पूछा गया कि क्या वह भी चाहते हैं कि चुनाव में उनका कोई रिश्तेदार चुनाव लड़े, इस पर उन्होंने कहा, 'पार्टी ने मुझे उप मुख्यमंत्री का पद दिया. अब एक पार्टी नेता के रूप में मुझे अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका देना चाहिए. कांग्रेस चाहती है कि अच्छे, ईमानदार और कड़े परिश्रम करने वाले कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका मिले'.

उन्होंने कहा, 'इस पार्टी ने मुझे इस तरह का बड़ा पद दिया है और अगर मैं अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट की पैरवी करूं तो मेरे पार्टी कार्यकर्ताओं की मनोदशा समझिए'. वहीं गहलोत ने कहा है कि अगर पार्टी के हाई कमांड की मंजूरी मिली तो उनका बेटा जोधपुर से चुनाव लड़ेगा. जोधपुर सीट से आने वाले समय में निस्संदेह जबरदस्त ड्रामा, राजनीति, संस्पेंस, एक्शन और कौतूहल देखने को मिल सकता है.

(इनपुट-आईएएनएस)