राजस्थान पंचायत चुनाव में जयपुर शहर के साथ गांव की जिम्मेदारी भी संभालेंगी महिलाएं

पंचायतीराज विभाग ने सभी 33 जिलों में जिला प्रमुख पद के लिए लॉटरी निकाली. जिसमें से 16 सीटे एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई है. जबकि 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है. 

राजस्थान पंचायत चुनाव में जयपुर शहर के साथ गांव की जिम्मेदारी भी संभालेंगी महिलाएं
प्रदेश में 16 जिलों में महिला जिला प्रमुख ही बनेगी.

जयपुर: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के लिए आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है. पंचायतीराज विभाग ने सभी 33 जिलों में जिला प्रमुख पद के लिए लॉटरी निकाली. जिसमें से 16 सीटे एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई है. जबकि 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है. यानि प्रदेश में 16 जिलों में महिला जिला प्रमुख ही बनेगी. 

इसमें से भी एससी महिला के लिए 3, एसटी महिला और ओबीसी महिला के लिए 2-2 सीटें रिजर्व की गई. जबकि अनारक्षित महिला वर्ग के लिए 8 महिलाओं की सीटें रिजर्व रखी गई है. सबसे बडी बात ये है कि जयपुर शहर के साथ साथ गांव की सरकार का जिम्मा भी महिला प्रमुख पर ही होगा.

करौली, चुरू और हनुमानगढ़ जिलों में महिला एससी जिला प्रमुख बनेगी.वहीं एसटी महिला वर्ग से दो सीटे जिसमें भीलवाड़ा और डूंगरपुर के हाथ लगी है.ओबीसी महिला वर्ग से राजसमंद, झुन्झुनू और झालावाड सीटें आरक्षित हुई है.

8 सीटें महिला अनारक्षित सीटें
50 फीसदी आरक्षण के मुताबिक 17 सामान्य सीटों में से 8 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है. जिसमें सीकर, जोधपुर, बारा, धोलपुर जयपुर पाली, टोंक, उदयपुर में महिलाओं की अनारक्षित वर्ग से लॉटरी लगी.

वहीं, 9 अनारक्षित सीटों की बात करें तो अजमेर, बाडमेर, भरतपुर, बूंदी, चितौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, सिरोही, जैसलमेर, नागौर जिले को आरक्षण की लॉटरी नहीं लगी. ये 9 सीटे अनारक्षित रहेगी.

जयपुर गांव और शहर की कमान संभालेगी महिलाएं
जयपुर शहर में नगर निगम के बाद अब गांव की सरकार का जिम्मा भी महिला ही संभालेंगी. ग्रेटर जयपुर और हेरिटेज जयपुर में ओबीसी महिला मेयर होंगी. जबकि गांव की सरकार में जिला प्रमुख महिला अनारक्षित वर्ग से बनेगी. जयपुर में दूसरी बार महिला जिला प्रमुख बनेगी. पहली प्रमुख मधु शर्मा बनी थी.