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ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद के बाद अब राम झूला पुल भी हुआ खतरनाक

ऋषिकेश के राम झूला पुल की स्थिति को पीडब्ल्यूडी ने खतरनाक बताया है सरकार को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल की स्थिति खतरनाक हो रही है.

ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद के बाद अब राम झूला पुल भी हुआ खतरनाक

ऋषिकेश: ऋषिकेश के राम झूला पुल की स्थिति को पीडब्ल्यूडी ने खतरनाक बताया है सरकार को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल की स्थिति खतरनाक हो रही है क्योंकि भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ कांवड़िए गुजर रहे है. लक्ष्मण झूला पर आवागमन पूरी तरह से बंद होने के बाद राम झूला के पुल पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. राम झूला सस्पेंशन ब्रिज है. इस पुल का निर्माण 27 मार्च 1985 को शुरू हुआ था. जो 1 साल में पूरा हुआ. इस पुल को आम लोगों के लिए 5 अप्रैल 1986 को खोल दिया गया.

यह पूल 220 मीटर लंबा है जो गंगा नदी के पूर्व दिशा में स्वर्ग आश्रम और पश्चिम  दिशा में शिवानंद आश्रम को जोड़ता है और इससे हजारों की संख्या में स्थानीय लोग गुजरते हैं साथ ही सावन के महीने में लाखों की तादात में कांवड़िए भी इसी पुल से गुजरते हैं आपको बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने सरकार को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें तत्काल इस पूल से  दो पहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है.

क्योंकि इस पुल से भारी संख्या में लोगों का आवागमन हो रहा है ऐसे में पुल पर लगातार बढ़ रहा दबाव खतरनाक की स्थिति में जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस पुल पर दोपहिया वाहनों को तत्काल रोकने की बात कही जा रही है. पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि भारी संख्या में आने वाले सैलानियों को स्थानीय लोगों को नियंत्रित करके सावधानीपूर्वक पूल से भेजा जाए. क्योंकि ऐसे में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है . 

ऋषिकेश की पहचान है राम झूला
राम झूला पुल ऋषिकेश की एक पहचान भी है और इस पुल से भारी संख्या में लोग गुजरते हैं पतित पावनी मां गंगा को पार करके कई मंदिरों और आश्रमों में सैलानी जाते हैं .  शिवालयों में जलाभिषेक भी करते हैं  . राम झूला पुल 35 साल पुराना है लेकिन जिस तरह से ऋषिकेश की आबादी बढ़ी है .  पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है सावन के महीने में कांवड़ियों की संख्या अप्रत्याशित तौर पर हर साल बढ़ती जा रही है .  ऐसे में पुल खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया है .  लेकिन 35 साल की इतिहास में इस पुल के कई यादगार पहलू भी है

कई बड़ी फिल्मों की राम झूला पर हो चुकी है शूटिंग   
इस पुल पर कई बड़ी फिल्मों का निर्माण भी हुआ है बंटी बबली, सन्यासी परदेस, अर्जुन पंडित, कृष्णा, नमस्ते लंदन के साथ दक्षिण भारत की कई बड़ी फिल्मों का निर्माण भी हुआ. स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों का भी यह पूल सबसे यादगार पुलों में से एक है जहां से गुजरते वक्त पर्यटक अपनी तस्वीर जरूर लेना चाहते हैं.

टू व्हीलर पर प्रतिबंध लगाने के समर्थन में उतरे सैलानी
सैलानियों को कहना है कि लक्ष्मण झूला पुल के बंद होने के बाद यकीनन राम झूला पुल पर दबाव बढ़ रहा है लेकिन यह पुल गंगा को पार करने के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में से एक है और इसे स्वर्ग आश्रम  और शिवानंद आश्रम के लिए लाइफलाइन भी कहा जाता है  . सिर्फ इसलिए नहीं यहां से सैलानी गुजरते हैं . क्योंकि स्थानीय लोगों का व्यापार का एक प्रमुख केंद्र भी है . 

अगर इस पुल को बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर स्थानीय लोगों के व्यापार पर भी पड़ेगा . इससे इनके  सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा . तो दूसरी तरफ सैलानियों के लिए भी दिक्कत होगी . क्योंकि वे स्वर्ग आश्रम के साथ कई अन्य मंदिरों का दर्शन नहीं कर पाएंगे अब सरकार को तय करना है कि आखिर इस पुल की वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी  लोग यही चाहते हैं कि कम से कम सबसे पहले सरकार को दोपहिया वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगा देना चाहिए . बताया जाता है कि मार्च 2013 में हाईकोर्ट ने भी राम झूला पुल से दोपहिया वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे फिलहाल प्रतिबंध का असर राम झूला पुल पर कहीं नजर नहीं आता है  .

सरकार को तलाशना होगा वैकल्पिक मार्ग
पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज कर पल्ला झाड़ लिया है. और साथ में एक चेतावनी भी जारी कर दी है कि किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है मगर बड़ा सवाल इस बात का है कि अभी जानकी पुल का निर्माण आधा अधूरा पड़ा है. लक्ष्मण झूला पहले से बंद हो चुका है ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ सैलानियों के आने जाने का दूसरा विकल्प सरकार  क्या कर रही हैं जिससे आस्था के साथ व्यापार भी चलता रहे और पर्यटन पर भी कोई असर ना पड़े.