शरद पवार बोले, उद्धव ठाकरे को मुख्‍यमंत्री बनाने पर कांग्रेस-एनसीपी की सहमति

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने पर कांग्रेस और एनसीपी की सहमति है.

शरद पवार बोले, उद्धव ठाकरे को मुख्‍यमंत्री बनाने पर कांग्रेस-एनसीपी की सहमति
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अभी भी फंसा है पेंच.

मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने पर कांग्रेस और एनसीपी की सहमति है. सरकार गठन को लेकर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के नेताओं के बीच हुई बैठक से निकलने के बाद शरद पवार ने कहा कि उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी है. हालांकि जब उद्धव बैठक से बाहर निकले तो उन्होंने इसपर कुछ भी कहने से मना कर दिया है.

उद्धव ने कहा कि चर्चा सकारात्मक रही. ज्यादातर मुद्दों पर आम सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि मैंने अभी तक मुख्यमंत्री बनने को लेकर हामी नहीं भरा है. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि बातचीत का दौर अभी भी जारी है.

उद्धव और शरद पवार के बयान को ध्यान दें तो साफ होता है कि तीनों दलों के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बात फंसी हुई है. मालूम हो कि शिवसेना के 56, एनसीपी के 54 और कांग्रेस 44 विधायक हैं.

लाइव टीवी देखें-:

सेना ने मुख्यमंत्री पद के लिए नए नाम सुझाए
शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे का नाम मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में शामिल नहीं होने के बाद अब पार्टी ने सुभाष देसाई और एकनाथ शिंदे के नामों का प्रस्ताव रखा है. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने उन्हें खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शीर्ष पद पर काबिज हों.

पार्टी के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो महाराष्ट्र के अलावा भी राजनीति में लाभकारी सिद्ध हो और उद्धव ठाकरे मराठी सम्मान के लिए दिल्ली की केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं.

सत्ता के फार्मूले के अनुसार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के पद के अलावा शिवसेना के 15, एनसीपी के 15 और कांग्रेस के 12 मंत्री होंगे.

विधानसभा अध्यक्ष का पद एनसीपी देना नहीं चाहती लेकिन कांग्रेस को यह पद अपने पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के लिए चाहिए.

इसके लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने तर्क दिया कि उन्हें ऐसा विधानसभा अध्यक्ष नहीं चाहिए जिसे बार-बार पार्टी आलाकमान से इजाजत लेनी पड़े.