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राजस्थान: टेंडर के कारण दिव्यांगों की अटकी स्कूटी, योजना का लाभ मिलना मुश्किल

तीन साल से अब तक दिव्यांगजनों को स्कूटी ही नहीं मिल पाई.

राजस्थान: टेंडर के कारण दिव्यांगों की अटकी स्कूटी, योजना का लाभ मिलना मुश्किल
मामला विशेषयोग्यजन विभाग में अटक गया है.

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में दिव्यांगजनों (Differently Abled Person) की मुश्किलें कम करने के लिए पिछली सरकार में स्कूटी वितरण (Distribution Of Scooty) की योजना शुरू की थी. 

इस योजना (Scheme) के अंतर्गत चुनिंदा दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण हुई. लेकिन अभी भी बडी संख्या में दिव्यांगजन ऐसे है, जिन्हे स्कूटी का इतंजार है. क्योंकि इन स्कूटी के टेंडर नहीं हो पा रहे. जिस कारण विशेषयोग्यजन विभाग स्कूटी नहीं बांट पा रहा.

वसुंधरा सरकार ने शुरू की थी योजना
राजस्थान में पिछली सरकार में विधायक कोष से दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण की योजना को इसी उदेश्य के साथ शुरू किया गया था. ताकि दिव्यांगजनों को संबंल प्रदान कर सके. लेकिन आज भी प्रदेशभर के सैकडों दिव्यांगजनों स्कूटी का इतंजार कर रहे है. इस योजना के अंतर्गत विधायक और सांसद कोष के जरिए दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण करनी थी. लेकिन तीन साल से अब तक दिव्यांगजनों को स्कूटी ही नहीं मिल पाई.

विशेषयोग्यजन विभाग में अटका मामला
इधर विधायक और सांसदों ने तो दिव्यांगजनों के आवेदनों की स्वीकृति दे दी है. लेकिन अब मामला विशेषयोग्यजन विभाग में अटक गया है. सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने ये निर्देश दिए है कि टर्नओवर कम करके छोटी कंपनियों को मौका दिया जाए. ताकि दिव्यांगजनों को राहत मिल सके.

4 बार मिलेगा टेंडर
दरअसल, विभाग ने 4 बार स्कूटी खरीदने के लिए टेंडर तो निकाले. लेकिन अब तक किसी भी कंपनी ने टेंडर में आवेदन नहीं किया. बताया जा रहा है कि पुरानी कंपनी के 50 लाख तक का भुगतान नहीं हो पाया है. जिस कारण वो कंपनी भी टेंडर के लिए आवेदन नहीं कर रही. अब विशेषयोग्यजन विभाग जिला स्तर पर टैंडर करवाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है. लेकिन सालों से स्कूटी के लिए इतंजार कर रहे दिव्यांगजनों की उम्मीदें टूटने लगी है.