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पुलवामा एनकाउंटर पर बोले DGP दिलबाग सिंह, 'पुलिस और आम लोगों पर हमले में शामिल था हमीद ललहारी'

डीजीपी ने बताया, 'नवीद, जुनैद और हमीद तीनों पुलवामा के रहने वाले हैं औऱ जैश के साथ काम कर रहे थे. 2016 में हमीद एक्टिव हुआ था. इसने काफी लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल किया.'

पुलवामा एनकाउंटर पर बोले DGP दिलबाग सिंह, 'पुलिस और आम लोगों पर हमले में शामिल था हमीद ललहारी'

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुलवामा जिले अवंतिपोरा में मंगलवार को हुई आतंकी मुठभेड़ पर आज (बुधवार) जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह (Dilbagh Singh) ने कहा कि पुलवामा एनकाउंटर में अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat Ul Hind ) के चीफ आतंकी हमीद ललहारी (Hameed Lelhari) को मार गिराया गया है. उन्होंने बताया कि हमीद पुलवामा और शोपियां में पुलिस और आम लोगों पर हमले में शामिल था. डीजीपी ने बताया 'हमीद के साथ दो और आतंकियों नावेद भट्ट और जुनैत भी मारे गए हैं. इनके पास से 3 एके 47 मिली है.'

डीजीपी ने बताया, 'नवीद, जुनैद और हमीद तीनों पुलवामा के रहने वाले हैं औऱ जैश के साथ काम कर रहे थे. 2016 में हमीद एक्टिव हुआ था. इसने काफी लोगों को आतंकी गतिविधियं में शामिल किया. 

हथियार मौत का जरिया है 
डीजीपी ने जम्मू कश्मीर के नौजवानों से आतंक का रास्ता नहीं अपनाने की सलाह देते हुए कहा, 'हथियार मौत का ज़रिया है औऱ अपने लिए ही मौत का माहौल पैदा करता है. मूसा के रहते भी कम नुकसान नहीं हुआ था. लोकल यूथ आतंक का हाथ छोड़े तभी हालात सुधरेंगे. 5-6 युवा ही लापता हैं. अब लेकिन ये ज़रुरी नहीं कि वह युवा आतंकी गतिविधियों में शामिल हों. 

बौखला गया है पाकिस्तान
डीजीपी दिलबाग सिंह ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा, 'जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातों में कमी से पाकिस्तान को बौखलाहट हो रही है, सीज़फायर का सिलसिला अभी भी जारी है. उनकी आर्मी इसमें पूरी तरह से इन्वॉल्व है कि ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को यहां के लिए पुश किया जाए औऱ घुसपैठ कराई जाए.'

बता दें कि भारतीय सुरक्षा बलों को मंगलवार को बड़ी कामयाबी मिली है. दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के राजपुरा में हुए एक एनकाउंटर में अल कायदा के जुड़े आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat Ul Hind ) के चीफ आतंकी हमीद ललहारी (Hameed Lelhari) को ढेर कर दिया है. इस मुठभेड़ में दो और आतंकी मारे गए. ललहारी को जाकिर मूसा (Zakir Musa) के मारे जाने के बाद से गजवत-उल-हिंद का प्रमुख बनाया गया था. 

गौरतलब है कि जून 2019 में अल-कायदा से संबद्ध अंसार गजवत-उल-हिंद ने हमीद लेलहरी को अपने स्थानीय कमांडर के रूप में नियुक्त किया था . 30 साल का हमीद लेलहारी जम्मू और कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है. ईद पर जारी एक वीडियो में अल-कायदा के सहयोगी ने कहा कि संगठन ने हमीद लेलहारी को जाकिर मूसा की जगह स्थानीय कमांडर और गाजी इब्राहिम खालिद को डिप्टी के रूप में नियुक्त किया. 5 जून को अंसार गज़वत-उल-हिंद ने 12 मिनट का एक वीडियो जारी किया, जिसमें अब्दुल हमीद लेलहारी, उर्फ ​​हारून अब्बास, को अपना स्थानीय कमांडर के रूप में में घोषित किया.

अल-कायदा के प्रवक्ता अबू उबैदा के एक ऑडियो बयान के अनुसार, गाजी इब्राहिम खालिद को डिप्टी कमांडर नामित किया गया है.

सुरक्षा एजेंसियों को रिपोर्ट है इस आतंकवादी समूह के अल- कायदा के साथ संबंध हो सकते हैं. अल-कायदा अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है. पिछले महीने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने घाटी में इस्लामिक स्टेट की उपस्थिति की पुष्टि भी की. 

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आपको बता दें जाकिर मूसा 27 जुलाई  2017 से कश्मीर में अल-कायदा की इकाई आंसर का प्रमुख था. वह इससे पहले 2016 में बुरहान वानी की हत्या के बाद हिजबुल मुजाहिदीन का प्रमुख था. मूसा ने मई 2017 में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं को धमकी दी थी और कहा, 'हम' आजादी के लिए नहीं बल्कि इस्लाम की लड़ाई लड़ रहे हैं, मैं इस्लाम की खातिर आजादी की लड़ाई लड़ रहा हूं. मेरा खून इस्लाम के लिए बहेगा” मुस्सा ने कहा था. 

गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने 23 मई को दक्षिण कश्मीर के त्राल के एक गांव में हुई मुठभेड़ में जाकिर मूसा को मार गिराया. पुलिस ने मूसा की मौत को सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया था क्योंकि वह पिछले छह वर्षों में कई आतंकी अपराधों में शामिल था.

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मूसा की मौत पर पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मूसा 2013 के बाद से आतंकवाद से जुड़ा था उसका आतंकी अपराध रिकॉर्ड का एक लंबा इतिहास था. वह शुरू में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने नया संगठन बनाया."