असम: कामाख्या मंदिर के कपाट चार दिन बाद फिर खुले
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असम: कामाख्या मंदिर के कपाट चार दिन बाद फिर खुले

प्राचीन मान्यता के अनुसार हर वर्ष जून के महीने में कामाख्या मंदिर में की अंबुबाची मेले का आयोजन किया जाता है.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल सुबह प्रसिद्ध शक्तिपीठ के कपाट खुलने के बाद देवी की पूजा अर्चना करने वाले शुरुआती भक्तों में शामिल थे.

गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत पर स्थित मां कामाख्या मंदिर के कपाट 4 दिनों के बाद बुधवार को भक्तों के लिए खुल गए. इस दौरान मंदिर समिति ने भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष वीआईपी पास या शुल्क दर्शन की सुविधा को रद्द कर दिया. देश के अलग अलग भागों से श्रद्धालुओं ने अंबुबाची मेले के मौके पर मंदिर में दर्शन किये. 

प्राचीन मान्यता के अनुसार हर वर्ष जून के महीने में कामाख्या मंदिर में की अंबुबाची मेले का आयोजन किया जाता है. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल सुबह प्रसिद्ध शक्तिपीठ के कपाट खुलने के बाद देवी की पूजा अर्चना करने वाले शुरुआती भक्तों में शामिल थे. इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा ने भी मां कामाख्या के दर्शन किये. दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कामाख्या मंदिर को विश्व में वसुधैव कुटुंबकम के प्रतीक के तौर पर भक्तों के बीच स्थापित करने में असम सरकार के प्रशासन, पुलिस विभाग और मंदिर परिचालन समिति ने सफलता अर्जित की हैं, इसके लिए सभी धन्यवाद के हक़दार हैं. 

सोनोवाल ने बाद में ट्वीट किया कि उन्होंने अंबुबाची मेले के समापन पर सभी की भलाई के लिए प्रार्थना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आशा है कि ‘‘मां कामाख्या का आशीर्वाद सभी के जीवन में खुशी और शांति लेकर आएगा’’. चार-दिवसीय सालाना अंबुबाची मेला 22 जून को मंदिर कपाटों के पारंपरिक रूप से बंद किये जाने के साथ शुरू हुआ था.

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