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कोटा: एमबीएस अस्पताल की लापरवाही से टला मरीज का ऑपरेशन, प्रशासन ने कहा...

डॉक्टर उसे दर्द की दवा देते रहे. आखिर मीडिया के दखल के बाद अधीक्षक ने बाबु को बुलाकर फाइल मंगवाई और स्पाइन सामान सप्लाई के ऑर्डर पर साइन किए.

कोटा: एमबीएस अस्पताल की लापरवाही से टला मरीज का ऑपरेशन, प्रशासन ने कहा...
फाइल फोटो

मुकेश सोनी/ कोटा: एमबीएस अस्पताल में अस्थि रोग विभाग में एक बार फिर स्पाइन के रोगी परेशान हो रहे हैं. अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते वार्ड में भर्ती मरीज के कई दिनों बाद भी स्पाइन के ऑपरेशन नहीं हो रहे. स्पाइन सप्लाई के ऑर्डर की फाइल बाबुओं की टेबल पर धूल फांकती रहती है. सूत्रों की मानें तो लम्बे समय तक तो अस्पताल में स्पाइन के रोगियों को भर्ती ही नहीं किया गया.

जानकारी के मुताबिक बारां के अटरू निवासी कांति बाई को कमर दर्द की शिकायत पर 13 सितंबर को एमबीएस के अस्थि वार्ड में भर्ती कराया गया था. उसके स्पाइन का ऑपरेशन होना था. भामाशाह लाभार्थी होने के कारण "आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना" में 94 हजार का पैकेज मिला था. स्पाइन के सामान के सप्लाई की फाइल बाबुओं की टेबल पर धूल फांकती रही. इधर 12 दिन तक कांति बाई बेड पर पड़ी पड़ी दर्द से कहराती रही. 

डॉक्टर उसे दर्द की दवा देते रहे. आखिर मीडिया के दखल के बाद अधीक्षक ने बाबु को बुलाकर फाइल मंगवाई और स्पाइन सामान सप्लाई के ऑर्डर पर साइन किए. दरअसल, स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई मंगवाने के लिए एमबीएस अस्पताल प्रशासन गम्भीर नहीं है. जिस फर्म को स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई का टेंडर मिला था. वो फर्म करीब 8 माह से स्पाइन के उपकरणों की सप्लाई नहीं कर रही क्योंकि टेंडर में फर्म द्वारा सप्लाई किए जाने वाले सामानों की दर कम डाली गई थी. 

नुकसान होने के डर से फर्म ने सप्लाई से हाथ खींच लिए. जी मीडिया ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए दो माह पहले मुद्दे को उजागर किया तो अस्पताल प्रशासन ने ( L1) एल वन की जगह ( L2) एल टू को स्पाइन सप्लाई के लिए अधिकृत किया. उसके बाद भी स्पाइन के रोगियों की मुसीबत कम नहीं हुई. 

जब भी स्पाइन के सामानों का आर्डर बनने की बात सामने आती तो टेंडर में स्वीकृत दर को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो जाता. क्योंकि L 1द्वारा स्पाइन के कई उपकरणों की दरें कम डाली गई थी जबकि L 2  द्वारा डाली गई दर L 1से ज्यादा थी. कांति बाई के केस में भी इसी मामले को लेकर लेट लतीफी हुई. जब इस बारे में अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना से बात की तो उन्होंने कहा कि L 1 स्पाइन उपकरणों की सप्लाई नहीं कर रहा इसलिए हमने L 2 को सप्लाई का ऑर्डर दे दिया है. इसका L 1 से डिफरेंस अमाउंट काटा जाएगा.