पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,'हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे गरीबों का हक छिने'

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि मोदी ने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला चुनाव के समय क्यों लिया . मुझे बताइये कि क्या ऐसे कोई छह माह हमारे देश में जाते हैं, जब चुनाव ना हों. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,'हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे गरीबों का हक छिने'
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

आगर: पीएम मोदी ने आगरा की रैली में केंद्र सरकार गरीब सवर्णों को आरक्षण दिए जाने के केंद्र के फैसले का बचाव किया. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि मोदी ने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला चुनाव के समय क्यों लिया . मुझे बताइये कि क्या ऐसे कोई छह माह हमारे देश में जाते हैं, जब चुनाव ना हों. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे हमने गरीब सवर्णों के लिये आरक्षण का एलान किया, वैसे ही उच्च शिक्षा की सीटों में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर दी जाएगी. हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे गरीबों का हक छिने. हमें झूठ फैलाने वालों को परास्त करना है. 

सपा-बसपा गठबंधन पर कसा तंज
पीएम मोदी ने एसपी-बीएसपी गठबंधन पर भी तंज कसा.  पीएम मोदी ने कहा, ‘एक दूसरे के घोटालों-घपलों को छिपाने के लिए वो (एसपी-बीएसपी) हाथ मिला रहे हैं जो कभी आंख मिलाने को तैयार नहीं थे . राजनीतिक स्वार्थ के लिए लखनउ के गेस्ट हाउस का वो शर्मनाक कांड, उसे भी भुला दिया . मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्सों में क्या हुआ, उसे भी भुलाने की कोशिश की जा रही है .' 

मोदी ने कहा, 'ये सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि चौकीदार जागता है . चौकीदार सामने खड़ा है, पूरी ईमानदारी के साथ खड़ा है . चौकीदार को हटाने के एकमात्र अभियान के लिए वो हर तिनके और टुकडे़ जोड़ रहे हैं . जब जांच एजेंसियां उनके काम का हिसाब मांग रही हैं तो ये चौकीदार के विरूद्ध ही साजिश रच रहे हैं .' 

प्रधानमंत्र ने कहा कि हमने जीएसटी काउंसिल से आग्रह किया है कि जीएसटी के दायरे में आने वाले उद्यमों की सालाना आय सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये तक किया जाए. 

पीएम ने सवर्ण आरक्षण को बताया ऐतिहासिक पहल
प्रधानमंत्री ने सवर्ण समाज के गरीबों के लिए आरक्षण को ऐतिहासिक पहल करार देते हुए कहा कि यह फैसला देश के उन लाखों युवाओं को अवसर देगा जो गरीबी के कारण पीछे रह जाते हैं . उन्होंने कहा कि दलितों के हक को छीने बिना अतिरिक्त संविधान संशोधन कर उन्होंने देश के उच्च वर्ग के गरीब बच्चों की चिन्ता करने का काम किया है .

पीएम मोदी ने कहा, 'कुछ लोग ये कहते हैं कि मोदी जी अब गरीब सवर्णों को आरक्षण संबंधी विधेयक चुनाव के समय क्यों लाए . मुझे बताइए कि ऐसे छह महीने देश में कहीं जाते हैं क्या, जब कहीं ना कहीं चुनाव ना हो . तीन महीने पहले लाता तो कहते मध्य प्रदेश के चुनाव के लिए लाया हूं ... हिन्दुस्तान में चुनाव साल में दो दो बार चलते रहते हैं इसलिए मैं कहता रहता हूं कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव देश में एक साथ हो जाएं . पांच साल में एक बार चुनाव हों .' 

उन्होंने बताया, 'उच्च शिक्षा संस्थानों में महत्वपूर्ण काम किया गया है . सवर्ण समाज के गरीबों का आरक्षण किया तो साथ ही ये निर्णय किया कि उच्च शिक्षा की सीटों में दस प्रतिशत की बढोतरी कर दी जाएगी . हम ऐसा कोई काम नहीं करना चाहते जिससे किसी का हक छीना जाए . इस प्रकार की व्यवस्था को लेकर हम आगे बढ रहे हैं . आर्थिक स्थिति के आधार पर समाज में जो खाई बनी है, उसे पाटने की मांग चल रही थी . उसे पूरा करने का काम केन्द्र की भाजपा सरकार ने किया है .'  

मोदी ने कहा, 'लेकिन ये भी कहूंगा कि उन ताकतों से भी सावधान रहना है जो अपने स्वार्थ के लिए अफवाहों का बाजार गर्म करने में जुट गयी हैं . गरीबों के दुश्मन सोशल मीडिया और अन्य बडे मंचों पर ग्रुप बनाने में लगे हैं . समाज में बंटवारे से जिनका स्वार्थ सिद्ध होता है, उनकी हर साजिश को पूरी तरह परास्त करना है .' 

 

(इनपुट - भाषा)