कोल्हापुर: अंबाबाई मंदिर में सैलरी पर रखे जाएंगे पुजारी, जाति की बाध्यता नहीं

अंबाबाई मंदिर में पुजारी पद के लिए अभी तक 252 आवेदन आए हैं. इंटरव्यू के जरिए कुछ ही दिनों में सैलरी पर पुजारियों की नियुक्ति होगी. 

कोल्हापुर: अंबाबाई मंदिर में सैलरी पर रखे जाएंगे पुजारी, जाति की बाध्यता नहीं
अंबाबाई मंदिर में पुजारी बने लोगों के खिलाफ अभियान चलाया गया था.

प्रताप नाईक/कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापूर कें अंबाबाई मंदिर में अब सैलरी पर पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी. पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति ने इसके लिए एक विज्ञापन भी जारी किया है. जिसमें उम्मीदवारों से अर्जी मांगी गयी है. इसमें खास बात ये भी है कि किसी भी जाति का व्यक्ति पुजारी पद के लिए अर्जी कर सकता है. अंबाबाई मंदिर में पुजारी पद के लिए अभी तक 252 आवेदन आए हैं. इंटरव्यू के जरिए कुछ ही दिनों में सैलरी पर पुजारियों की नियुक्ति होगी. 

जब कोल्हापुर की अंबाबाई देवी को घाघरा-चोली पहनाए जाने के खिलाफ आवाज उठी थी. वहीं से पुजारी हटाओ अभियान समिति ने आंदोलन शुरू किया था. अंबाबाई मंदिर में पुजारी बने लोगों के खिलाफ अभियान चलाया गया. और अंबाबाई मंदिर में सैलरी पर पुजारी रखने का फैसला महाराष्ट्र सरकार को करना पडा था. महाराष्ट्र सरकार ने 12 अप्रैल 2018 को कानून बनाया और कोल्हापूर कें मंदिर सें परंपरा से चले आ रहे पुजारी हटाए गए.

इस कानून के तहत पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति ने सैलरी पर पुजारी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की. इसमें मंदिर के मौजूदा पुजारियों मे से किसी का भी आवेदन आया नही है. पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति के पास आए आवेदन में कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर और बेलगाव से आवेदन आए हैं. इसमें सभी जातियों के उम्मीदवार शामिल हैं. 

सैलरी पर नियुक्ति होने वाले पुजारी पद के लिए मानदंड  
पुजारी पद के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य 
चैरिटी आयुक्त के कार्यालय सें पंजीकृत वैदिक स्कूल या संस्था की डिग्री होना आवश्यक
आवेदन करने वाली की उम्र 18 साल होनी चाहिए 
वैदिक ज्ञान के साथ अंबाबाई देवी की साल भर चलने वाली पूजा के बारे में जानकारी होनी चाहिए