आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने मारी बाजी, इस परीक्षा में आया अव्वल

अकबरपुर छाता निवासी शिशुपाल सिंह पुत्र देवी सिंह को छाता पुलिस ने 19 फरवरी 2015 को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था. 

आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने मारी बाजी, इस परीक्षा में आया अव्वल
अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

मथुरा: हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे एक युवक ने अपनी मेहनत से सिद्ध कर दिया है कि यदि हौसला हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती. चार साल से जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 35 वर्षीय कैदी शिशुपाल ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल की परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की है.

जेल सूत्रों के अनुसार, अकबरपुर छाता निवासी शिशुपाल सिंह पुत्र देवी सिंह को छाता पुलिस ने 19 फरवरी 2015 को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था. वह तभी से जेल में निरुद्ध था. 12 फरवरी 2017 को अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

सजा मिलने के बाद शिशुपाल ने जेल अधिकारियों को बताया कि उसने कक्षा आठ तक पढ़ाई की है और अब हाईस्कूल की परीक्षा देना चाहता है. उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद उसने हाईस्कूल की परीक्षा का फार्म भरा था. परीक्षा देने के लिए उसे फिरोजाबाद जेल भेजा गया.

शनिवार को जब माध्यमिक शिक्षा परिषद का परीक्षा परिणाम आया तो पता चला कि वह हाईस्कूल परीक्षा में प्रथम श्रेणी के साथ उत्तीर्ण हुआ है तथा उसने कुल 61.67 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। यह जानकारी लगते ही उसकी खुशी का ठिकाना ना रहा. जेल अधिकारियों तथा अन्य बंदियों ने भी उसे इस सफलता के लिए बधाई दी.

वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेन्द्र मैत्रेय ने बताया, 'फिरोजाबाद जेल से परीक्षा देकर वापस मथुरा आने के बाद उसे प्रशासनिक निर्णय के आधार पर चार मार्च को केन्द्रीय कारागार आगरा भेज दिया गया है. वहां उसने अभी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा प्रकट की है. उसकी इस कामयाबी पर उसके साथ के अन्य बंदियों में भी खुशी का माहौल है'.