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कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले ही BJP के बीएस येदियुरप्पा दे सकते हैं इस्तीफा- सूत्र

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को शाम 4 बजे भाजपा से कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा था.

कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले ही BJP के बीएस येदियुरप्पा दे सकते हैं इस्तीफा- सूत्र

नई दिल्ली : कर्नाटक विधानसभा   में भाजपा के बहुमत साबित करने से पहले बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों के अनुसार, बीएस येदियुरप्पा फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपना इस्तीफा दे सकते हैं. कहा जा रहा है कि अगर उन्हें लगा कि वह बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे, तो एक लंबा-चौड़ा भाषण पढ़कर अपना इस्तीफा दे सकते हैं. कहा जा रहा है कि ऐसा करके वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अनुसरण करेंगे.

इससे पहले भाजपा ने कहा था कि वह कर्नाटक विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर देंगे. भाजपा के पास इस समय 104 विधायक हैं. कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस के पास 38 विधायक हैं. कर्नाटक विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 111 का है. जाहिर है भाजपा को ये आंकड़ा हासिल करने के लिए 7 विधायकों की जरूरत थी. लेकिन वह इस आंकड़े को छूती नहीं दिख रही है. जेडीएस के सभी विधायक विधानसभा पहुंच गए हैं. पहले खबर आई थी, कि जेडीएस के 2 विधायक गायब हैं. खुद कुमारस्वामी ने दावा किया था कि उनके दो विधायकों का अपहरण कर लिया गया है.

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अब कहा जा रहा है कि इस्तीफे से पहले जो भाषण येदियुरप्पा देंगे, उसमें वह लिंगायत कार्ड खेल सकते हैं. वह कांग्रेस और जेडीएस पर इस बात का आरोप लगा सकते हैं कि इन दोनों  पार्टियों ने राज्य में लिंगायत समुदाय के चेहरे को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया. कहा जा रहा है कि इसके लिए उन्होंने 13 पन्नों का एक भावुक भाषण तैयार किया है. इसे वह इस्तीफा देने से पहले पढ़ेंगे. माना जा रहा है कि भाजपा को सदन में मौजूदा हालात देखते हुए नहीं लग रहा है कि वह जादुई आंकड़े को छू पाएंगे. ऐसे हालात में वह वाजपेयी के रास्ते पर चलते हुए इस्तीफा दे सकते हैं. 1996 में जब भाजपा संसद में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई थी तो वाजपेयी ने संसद में एक ऐतिहासिक भाषण देकर अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप दिया था.

इधर कांग्रेस के विधायक डीके शिवकुमार ने कहा है कि वह इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि येदियुरप्पा ट्रस्ट वोट से पहले ही अपना इस्तीफा दे सकते हैं. उनका दावा है कि प्रताप गौड़ा भी विधानसभा में आ चुके हैं. वह कांग्रेस के पक्ष में वोट देंगे.

कर्नाटक विधानसभा में 222 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं. बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत होगी. बीजेपी के 104 विधायक हैं. जेडीएस के 37 और कांग्रेस के 78 विधायक हैं. 2 विधायक निर्दलीय हैं. येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 8 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ेगी. हालांकि जेडीएस के कुमारस्वामी दो सीटों से जीतकर विधायक बने हैं. ऐसे में उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना पड़ेगा. ऐसी हालत में फिर 221 सीट के लिहाज से बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 111 सीटों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में बहुमत का नंबर गेम बीजेपी के पक्ष में नहीं दिख रहा है.

इससे पहले जिन कांग्रेस एमएलए आनंद सिंह के बारे में कहा जा रहा था कि वह विधानसभा नहीं पहुंचे हैं, वह भी बेंगलुरु में गोल्डफिंच होटल से निकलते हुए दिखाई दिए. आनंद सिंह लंबे समय तक भाजपा में रहे हैं. इस चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ दायर कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की याचिका को शनिवार को खारिज करते हुए कहा कि वह अंतरिम स्पीकर बने रहेंगे. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और शाम चार बजे विश्वास मत साबित करने की कार्यवाही समेत सदन की दिनभर की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा.