मथुरापुर लोकसभा सीट पर क्या 2014 की जीत को दोहरा पाएगी तृणमूल कांग्रेस?
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मथुरापुर लोकसभा सीट पर क्या 2014 की जीत को दोहरा पाएगी तृणमूल कांग्रेस?

मथुरापुर लोकसभा सीट में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें पाथरप्रतिमा, काकद्वीप, सागर, कुल्पी, रायडीह, मगराहत और मंदिर बाजार शामिल हैं.

फाइल फोटो.

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मथुरापुर लोकसभा सीट पर 2014 में हुए चुनाव तृणमूल कांग्रेस के मोहन जटुआ और सीपीएम के रिंकू नस्कर के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला था. तृणमूल कांग्रेस के मोहन जटुआ को 6,27,761 वोट मिले. वहीं दूसरे स्थान पर CPM के रिंकू नस्कर रहे, जिन्होंने 4,89,325 वोट हासिल किए. 

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है सीट
1962 में अस्तित्व में आई इस सीट पर सबसे पहले कांग्रेस ने अपना खाता खोला था. 1962 के चुनावों में कांग्रेस के पूर्णेंदु शेखर ने जीत दर्ज की थी. वक्त बीतता गया और हालात बदलते गए और सीट पर सीपीएम का दबदबा बढ़ता गया. पार्टी की राधिका रंजन 1989 से लेकर 1999 तक लगातार पांच बार इस सीट से सांसद रही. लेकिन 2009 में पार्टी अपनी हार को नहीं रोक सकी और टीएमसी के चौधरी मोहन जतुआ यहां से सांसद बने. बता दें कि यह संसदीय सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.

इस क्षेत्र में आती है 7 विधानसभा सीटें
मथुरापुर लोकसभा सीट में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें पाथरप्रतिमा, काकद्वीप, सागर, कुल्पी, रायडीह, मगराहत और मंदिर बाजार शामिल हैं.

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