प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं NCP प्रमुख शरद पवार: माजिद मेनन का दावा

माजिद मेनन ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में एनडीए की सरकार नहीं बनेगी. ऐसी स्थिति में अगर विपक्षी दलों के नेता आम राय बनाते हैं तो शरद पवार प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं.

प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं NCP प्रमुख शरद पवार: माजिद मेनन का दावा
एनसीपी प्रमुख शरद पवार हमेशा से प्रधानमंत्री पद की रेस में बने रहते हैं.

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता माजिद मेनन ने दावा किया है पार्टी प्रमुख शरद पवार खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. माजिद मेनन ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में एनडीए की सरकार नहीं बनेगी. ऐसी स्थिति में अगर विपक्षी दलों के नेता आम राय बनाते हैं तो शरद पवार प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं. विपक्षी दल मिलकर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि देश में एनडीए की सरकार ना बने. 

माजिद मेनन ने कहा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे प्रधानमंत्री पद की रेस में नहीं हैं. ऐसे में विपक्षी दलों के बीच शरद पवार के नाम पर आम सहमति बन सकती है.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी सभाओं में आरोप लगाते रहे हैं कि विपक्षी दलों के नेताओं के बीच प्रधानमंत्री बनने की होड़ मची है. ऐसे में शरद पवार को लेकर उनकी पार्टी के नेता की ओर से आया यह बयान बीजेपी और एनडीए के अन्य घटक दलों को आक्रामक होने का मौका दे सकती है.

किसानों की खुदकुशी, बेरोजगारी पर चुप्पी साधे हैं मोदी : पवार
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान जानबूझकर किसानों की खुदकुशी और बेरोजगारी के मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. महाराष्ट्र में ठाणे जिले के भायंदर में सोमवार रात चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि 2014 में राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद से बेरोजगारी कई गुना बढ़ गयी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के पास औद्योगिक और कृषि विकास के लिए नीतियां नहीं हैं.

वह कल्याण लोकसभा सीट से एनसीपी के उम्मीदवार आनंद परांजपे के लिए प्रचार कर रहे थे. पवार ने कहा, ‘मोदी सरकार जानबूझकर उद्योगों और खेती के विकास के लिए कोई कोशिश नहीं कर रही.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी राफेल सौदे पर भी चुप रहते हैं. मोदी सरकार में आरबीआई, सीबीआई, उच्चतम न्यायालय जैसे संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है.’