कभी अर्थी पर लेटकर, तो कभी भैंसा गाड़ी, अब इस रूप में नॉमिनेशन करने पहुंचा यह प्रत्याशी

संयुक्त विकास पार्टी के प्रत्याशी वैद्यराज किशन आज घंटाघर से दूल्हा बनकर घोड़ी पर सवार हुए लेकिन कलेक्ट्रेट से पहले ही उनकी बारात को रोक लिया गया.

कभी अर्थी पर लेटकर, तो कभी भैंसा गाड़ी, अब इस रूप में नॉमिनेशन करने पहुंचा यह प्रत्याशी
फोटो साभार : ANI

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर जिले के लोकसभा चुनाव में एक प्रत्याशी ने सोमवार को यहां सेहरा बांध कर और घोड़ी पर सवार होकर बैंड बाजे की धुन पर नाचते हुए बारातियों के साथ अनोखे अंदाज में नामांकन कराया.

कलेक्ट्रेट से पहले रोकी गई बारात
संयुक्त विकास पार्टी के प्रत्याशी वैद्यराज किशन आज घंटाघर से दूल्हा बनकर घोड़ी पर सवार हुए लेकिन कलेक्ट्रेट से पहले ही उनकी बारात को रोक लिया गया और पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें घोड़ी से उतार दिया. इसके बाद वह कलेक्ट्रेट तक पैदल गए और नामांकन पत्र दाखिल किया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह "राजनीति के दामाद" हैं और आज उनकी शादी की सालगिरह है, इसलिए वह दूल्हा बनकर नामांकन कराने आए हैं.

विधानसभा में किया था अर्थी पर लेटकर प्रचार
वैद्यराज किशन पिछले विधानसभा चुनाव में अर्थी पर लेट कर नामांकन कराने गए थे, इससे पहले वह भैंसा गाड़ी पर सवार होकर भी नामांकन करा चुके हैं. वह कई चुनावों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं.