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23 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी, पूजा में ये चीजें शामिल करने से प्रसन्न होंगे कान्हा

जन्माष्टमी कृष्ण भक्तों के लिए सबसे खास होती है. इस दिन सभी कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं. अपने कान्हा जी की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं. कुछ भक्त मंदिरों में जाकर कृष्ण जी को नए वस्त्र धारण करवाते हैं.

23 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी, पूजा में ये चीजें शामिल करने से प्रसन्न होंगे कान्हा

नई दिल्ली : हिंदूओं का प्रमुख त्योहार जन्माष्टमी इस बार 23 अगस्त को मनाया जाने वाला है. कान्हा के जन्मोत्सव से पहले ही मथुरा और वृंदावन में कई सारी तैयारियां की जा रही है. जन्माष्टमी का त्योहार भाद्र मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी मनाया जाता है. 

कान्हा के लिए व्रत रखते हैं भक्तगण
जन्माष्टमी कृष्ण भक्तों के लिए सबसे खास होती है. इस दिन सभी कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं. अपने कान्हा जी की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं. कुछ भक्त मंदिरों में जाकर कृष्ण जी को नए वस्त्र धारण करवाते हैं.

कान्हा को चढ़ाए जाते हैं कई तरह के भोग
कुछ भक्त जन्माष्टमी के खास मौके पर मथुरा का रूख करते हैं. वहां मौजूद कृष्ण जन्मभूमि, प्रेम मंदिर, बांके बिहारी और राधारमन मंदिर जाकर कृष्ण जी के दर्शन करते हैं. मुम्बई में इस खास मौके पर कृष्ण भक्त दही हांडी का खेल रचाते हैं और भगवान कृष्ण को माखन से नहलाते हैं. वहीं, घरों के आस-पास मौजूद मंदिरों में भी कृष्ण जी की झांकियां लगाई जाती हैं. 

पौराणिक मान्यता के मुताबिक, जन्माष्टमी के दिन कान्हा को कुछ चीजें चढ़ाने से भगवान खुश होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं. 

कान्हा का करें खास श्रृंगार
जन्माष्टमी का दिन कान्हा के जन्म का दिन है इसलिए इस दिन उनका खास श्रृंगार करना चाहिए. जन्माष्टमी के दिन कान्हा को पीले रंग के वस्त्र चढ़ाए. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण को पीला रंग बेहद प्रिय होता है, जन्माष्टमी के दिन पीला रंग पहनाने से वो मनचाहा वरदान देते हैं. 

चढ़ाए मन प्रसन्न भोग
भगवान कृष्ण की पूजा सामग्री में एक खीरा, एक चौकी, पीला साफ कपड़ा, बाल कृष्ण की मूर्ति, एक सिंहासन, पंचामृत, गंगाजल, दही, शहद, दूध, दीपक, घी, बाती, धूपबत्ती, गोकुलाष्ट चंदन, अक्षत (साबुत चावल), तुलसी का पत्ता, माखन, मिश्री भोग में चढ़ानी चाहिए.

मोर पंख को करें अर्पित
कान्हा को जितने पीले वस्त्र पंसद हैं, उतना ही मोर पंख पंसद होता है. कान्हा को जन्माष्टमी के दिन मोर पंख और बांसुरी अर्पित करें.