INDvsWI: दीपक चाहर ने जताई फील्डिंग पर चिंता, कहा- हम ऐसे ही कैच छोड़ते रहे तो फिर...

India vs West Indies: भारत और वेस्टइंडीज की टीमें आज दूसरे वनडे मैच में आमने-सामने होंगी. मैच दोपहर 1.30 बजे से खेला जाएगा. 

INDvsWI: दीपक चाहर ने जताई फील्डिंग पर चिंता, कहा- हम ऐसे ही कैच छोड़ते रहे तो फिर...
दीपक चाहर वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में सिर्फ एक विकेट ले सके थे. (फोटो: IANS)

विशाखापत्तनम: भारतीय टीम बुधवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज का दूसरा मैच खेलने उतरेगी जो उसके लिए ‘करो या मरो’ वाला होगा. मेहमान टीम ने पहले वनडे को जीत तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है. दूसरे मैच से पहले भारत के दीपक चाहर (Deepak Chahar) ने माना कि टीम ने पहले मैच में गेंदबाजी और फील्डिंग अच्छी नहीं की थी. चेन्नई की धीमी विकेट पर भारत (Team India) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट के नुकसान पर 287 रन का स्कोर खड़ा किया था. विंडीज ने शिमरॉन हेटमायर और शाई होप के शतकों के दम पर यह लक्ष्य हासिल कर जीत हासिल की थी. 

मेजबान भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) की टीमें बुधवार को दोपहर 1.30 बजे से विशाखापत्तनम (Vizag ODI) के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में दो-दो हाथ करेंगी. इस मैच की पूर्व संध्या पर दीपक चाहर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो हमने पहले वनडे में अच्छी गेंदबाजी नहीं की. उम्मीद है कि अगर हम दूसरे वनडे में दोबारा वैसी स्थिति में आएं तो हम एक इकाई के तौर पर बेहतर कर सकें. पिछले चार मैचों से टीम की फील्डिंग भी अच्छी नहीं चल रही है. हमने काफी कैच छोड़े हैं. अगर हम इस तरह के बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाजों के कैच छोड़ेंगे तो हमारे लिए मुश्किल हो जाएगी. एक फील्डिंग इकाई के तौर पर भी हमें सुधार करना होगा.’

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दीपक चाहर ने साथ ही कहा कि उन्हें वनडे मैच, टी20 के मुकाबले ज्यादा मुश्किल लगते हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वनडे सबसे कड़ा प्रारूप है. टी20 में आप जानते हो कि क्या करना है. अगर आप 24 रन दे देते हो तो लेकिन विकेट नहीं ले पाते हो तो फिर भी यह अच्छी गेंदबाजी है. टेस्ट में, आपको लगातार आक्रमण करना होता है. अगर आप रन दोगे और विकेट लोगे तो यह टीम के लिए अच्छा होगा. वनडे में आपको दोनों चीजों को मिलाना होता है. विकेट लीजिए और रन बचाइए.’

दीपक चाहर ने आगे कहा, ‘वनडे क्रिकेट में आपको मैच की स्थिति को अच्छे से समझना होता है. आपको समझना होता है कि टीम क्या चाहती है. आपको बल्लेबाजों को परखना होता है और फिर फैसला करना होता है कि क्या करना है. दोनों प्रारूपों से वनडे ज्यादा मुश्किल है. मैंने इंडिया-ए के साथ काफी वनडे क्रिकेट खेली है जिसने मुझे फायदा पहुंचाया है.’