IPL: टीम मालिक बनने की गंभीर की उम्मीदों को झटका, DC से नहीं बनी बात

Indian Premier League: पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइटराइडर्स को दो बार चैंपियन बना चुके हैं. 

IPL: टीम मालिक बनने की गंभीर की उम्मीदों को झटका, DC से नहीं बनी बात
पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर बीजेपी के सांसद भी हैं. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: आईपीएल की टीम दिल्ली कैपिटल्स का सह-मालिक बनने का गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का सपना अभी सच होने नहीं जा रहा है. उन्हें इसके लिए और इंतजार करना पड़ सकता है. खबरें थीं कि दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) की कप्तानी कर चुके गंभीर फ्रेंचाइजी में 10% हिस्सेदारी ले सकते हैं. दिल्ली कैपिटल्स के एक अधिकारी ने कहा कि यह करार अभी होता नहीं दिख रहा है. दिल्ली की फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक संयुक्त रूप से जीएमआर और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स (GMR Group and JSW Sports) के पास है. 

दिल्ली कैपिटल्स (DC) के अधिकारी ने कहा, ‘यह अभी नहीं हो रहा. उनके बोर्ड में आने की चर्चा थी. ईमानदारी से कहूं तो अब भी चर्चा है. लेकिन यह इस सीजन में 99.9% नहीं हो रहा है. अगर यह बाद में होता है तो अलग कहानी होगी. यह लगभग तय है कि 2020 सीजन से पहले होता नहीं दिख रहा.’ पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइटराइडर्स को दो बार चैंपियन बना चुके हैं. 

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ऐसी भी खबरें थीं कि अगर गंभीर आईपीएल (Indian Premier League) फ्रेंचाइजी में सह-मालिक के तौर पर नहीं आते हैं तो वे मेंटॉर के तौर पर फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ सकते हैं. यह स्थान सौरव गांगुली के इस्तीफे के बाद से खाली है. इस पर अधिकारी ने कहा कि अभी ऐसा कुछ नहीं हो रहा है. गांगुली इस समय बीसीसीआई अध्यक्ष हैं और इसी कारण उन्होंने यह पद छोड़ दिया था. 

गंभीर के मेंटॉर बनने के सवाल पर अधिकारी ने कहा, ‘इस सवाल पर भी ना है. हम फिलहाल इस मुद्दे पर विचार नहीं कर रहे हैं. कोच रिकी पोंटिंग और बाकी के सपोर्ट स्टाफ के तौर पर हमारे पास मजबूत इकाई है. साथ ही हम नहीं जानते कि गंभीर बोर्ड में आ सकते हैं या नहीं क्योंकि वे सांसद भी हैं.’ पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर बीजेपी के सांसद भी हैं. 

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बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कि अगर गंभीर आईपीएल टीम के मेंटॉर बनते हैं तो कागजों पर हितों के टकराव का मुद्दा नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘तकनीकी रूप से कागजों पर हितों के टकराव का मुद्दा नहीं होगा. लेकिन आप जानते हैं कि आजकल किस तरह से चीजें हो रही हैं. कुछ लोग ऐसे हैं जो तवज्जो पाने के लिए लोकपाल को मेल करने की ताक में रहते हैं. जैसा मैंने कहा, गंभीर अगर मेंटॉर बनते हैं तो कागजों पर हितों के टकराव का मुद्दा नहीं होगा.’