VIDEO: जब स्टीव वॉ के ताने सुनकर द्रविड़ ने खेली थी 180 रनों की शानदार पारी

इस मैच की यादों को ताजा करते हुए 16 साल बाद राहुल द्रविड़ ने एक राज से पर्दा उठाया है. 

VIDEO: जब स्टीव वॉ के ताने सुनकर द्रविड़ ने खेली थी 180 रनों की शानदार पारी
जब स्टीव वॉ ने की थी राहुल द्रविड़ की स्लेजिंग (File Photo)

नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया जब आमने-सामने होते हैं तो सिर्फ मैच नहीं होता बल्कि एक युद्ध के जैसा माहौल होता है. यूं तो भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ हर मैच रोमांचक रहा है, लेकिन 2001 में ऐसा ऐतिहासिक मैच खेला गया था, जिसकी यादें भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों की देशों के खिलाड़ियों और क्रिकेट फैन्स के जेहन में ताजा होंगी. 14 मार्च 2001... ईडन गार्डन का मैदान... भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया... मैदान पर राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की शानदार बल्लेबाजी... और क्रिकेट इतिहास में यह खास दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. 

वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने यूं तो कई शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन 14 मार्च 2001 को ईडन गार्डन में खेली पारी सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुकी है. इसी पारी ने लक्ष्मण को वेरी वेरी स्पेशल और द्रविड़ को द वॉल का खिताब दिलवाया था.

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इस मैच की यादों को ताजा करते हुए 16 साल बाद राहुल द्रविड़ ने एक राज से पर्दा उठाया है. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल द्रविड़ ने बताया कि 2001 के उस ऐतिहासिक ईडन गार्डन टेस्ट में किस तरह उन्होंने स्टीव वॉ की स्लेजिंग का सामना किया था. 

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 2001 की बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की स्लेजिंग की याद को साझा किया. उन्होंने बताया कि कैसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान स्टीव वॉ की स्लेजिंग का सामना करते हुए उन्होंने बेहतरीन पारी खेली. 

द्रविड़ ने बताया, ''ईडन गार्डन में खेले जा रहे टेस्ट मैच में स्टीव वॉ उनकी जमकर स्लेजिंग कर रहे थे, लेकिन उनकी बयानबाजी से उन पर कोई असर नहीं पड़ा और वो विकेट पर टिके रहे और भारतीय टीम को एक यादगार टेस्ट जीत दिलाई.''

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बेंगुलुरु में गो स्पोर्ट्स एथलीट के कार्यक्रम में द्रविड़ ने कहा, ''कोलकाता के उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में पहले तीन दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से भारतीय टीम पर हावी थी. व्यक्तिगत तौर पर मेरा फॉर्म भी अच्छा नहीं था. मुंबई में खेले गए मैच में मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. यहां पर भी पहली पारी में मेरे बल्ले से रन नहीं निकले थे. यहां तक कि मुझे नंबर 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेज दिया गया था.''

द्रविड़ ने बताया कि दूसरी पारी में जब मैं बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरा तो स्टीव वॉ ने मेरी स्लेजिंग की और कहा, ''राहुल इस मैच में तुम्हे नंबर 6 पर बैटिंग के लिए भेजा गया है, अगले मैच में तुम्हारा क्या होगा, क्या तुम्हे नंबर 12 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा.''

राहुल द्रविड़ ने आगे कहा, ''मेरे लिए काफी अजीब बयान था क्योंकि मैं काफी निराश हो चुका था. मैं उस स्थिति में नहीं था जहां से आगे के बारे में कुछ भी सोच सकूं. क्रिकेट में एक समय पर सिर्फ एक ही गेंद पर ध्यान देना होता है और मैं बस वही कर रहा था.''

द्रविड़ ने कहा, ''मैंने सोचा कि देखता हूं मैं कितनी गेंदें खेल सकता हूं और इस तरह से मैं एक-एक गेंद खेलता गया और इस तरह मैंने एक बड़ी और यादगार पारी खेली.'' 

इस पारी ने ना केवल राहुल और लक्ष्मण को, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भी नई पहचान दिलवाई. 'वेरी वेरी स्पेशल' लक्ष्मण की 2001 में अविजित मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ दूसरी पारी में बनाए 281 रन बनाए थे. इसी मैच में 'द वॉल' राहुल द्रविड़ ने 180 रन बनाकर लक्ष्मण के साथ पांचवें विकेट के लिए 376 रनों की साझेदारी की थी. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने भारत के इन दोनों बेहतरीन बल्लेबाजों का कोई तोड़ नहीं था. सीरीज के इस दूसरे टेस्ट मैच में भारत को 171 रनों से जीत मिली थी.

ऐसा रहा था मैच का रोमांच
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान दूसरी पारी में जब सचिन जल्दी आउट हो गए, तब लोग स्टेडियम छोड़कर जाने लगे. लेकिन अगले दिन बड़ी संख्या में लोग वापस स्टेडियम पहुंचे, लोगों की यह वापसी सचिन के लिए नहीं, बल्कि वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ के लिए थी. इस मैच में सचिन के आउट होने के बाद लक्ष्मण और गांगुली के आउट होने के बाद द्रविड़ मैदान पर उतरे और फिर हुआ ये चमत्कार. 

इस मैच में दोनों के बीच 376 रनों की साझेदारी हुई. द्रविड़ 180 रन बनाकर आउट हुए जबकि लक्ष्मण ने 281 रन बनाए. भारत ने अपनी दूसरी पारी की घोषणा 657 रनों पर कर . इस तरह ऑस्ट्रेलिया के सामने 383 रन का लक्ष्य था. लक्ष्‍मण और द्रविड़ के बाद हरभजन सिंह ने अपना कमल दिखाया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के छह विकेट लेने में कामयाबी हासिल की और ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 212 रन पर ऑल आउट हो गई. इस तरह भारत ने इस मैच को 171 रन से जीत लिया था.