Dark Matter: ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है डार्क मैटर. वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से इसका एक बहुत ही साफ नक्शा तैयार किया है. इस नक्श में करीब 8 लाख आकाशगंगाओं को शामिल किया गया है.
Dark Matter: वैज्ञानिक दशकों से डार्क मैटर के रहस्य को समझने की कोशिश कर रहे हैं. यह एक ऐसी रहस्यमयी चीज है जिससे हमारे ब्रह्मांड का एक चौथाई से थोड़ा ज्यादा हिस्सा बना है. ब्रह्मांड का बाकी बचा हुआ हिस्सा डार्क एनर्जी नाम की एक और रहस्यमयी शक्ति से बना है.
Fusion reactors and axion dark matter: सिंसिनाटी यूनिवर्सिटी और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने फ्यूजन रिएक्टर में ऐक्सियन्स नामक कण उत्पन्न करने का सैद्धांतिक तरीका बताया, जो डार्क मैटर को समझने में जरूरी हैं.
Black Hole: ब्रह्मांड में एक रहस्यमयी चीज है जिसे डार्क मैटर कहते हैं. इसे आज तक कोई देख नहीं पाया है लेकिन अब वैज्ञानिकों को इसे खोजने का एक नया तरीका मिल गया है. जब दो ब्लैक होल आपस में टकराते हैं या पास आते हैं तो उनसे वेव्स निकलती हैं.
Dark Matter: हाल में ही पहली बार डार्क मैटर की सीधी झलक मिलने के संकेत मिले हैं, लेकिन वैज्ञानिक इसपर और भी रिसर्च कर रहे हैं.
Dark Matter Study: एक नई रिसर्च के मुताबिक, ब्रह्मांड में मौजूद डार्क मैटर और डार्क एनर्जी शायद असल में हैं ही नहीं. यह सिर्फ ब्रह्मांड की forces के धीरे-धीरे कमजोर होने की वजह से हो सकता है.
Black Holes: एक नई और चौंकाने वाली स्टडी के मुताबिक कुछ ग्रहों के अंदर ब्लैक होल बन सकते हैं. ये बाद में उन ग्रहों को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं.
Dark Energy: डार्क मैटर वह चीज है जो हमें बताती है कि हमारे ब्रह्मांड का विस्तार कितनी तेजी से हो रहा है. इसकी खोज सबसे पहले ब्रायन श्मिट ने एडम रीस और सॉल पर्लमटर के साथ मिलकर 1998 में की थी.
Dark Matter In The Universe: हमें अभी तक डार्क मैटर के अस्तित्व का सबूत नहीं मिला है. ऐसे में कुछ वैज्ञानिकों को लगने लगा है कि कहीं डार्क मैटर हमारे अनुमानों से ज्यादा हल्का या भारी तो नहीं!
Brightest Explosion Of All Time In Universe: 9 अक्टूबर, 2022 को वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में अभी तक का सबसे चमकीला विस्फोट दर्ज किया. एक नई स्टडी के अनुसार, उस महाभयानक धमाके में डार्क मैटर का एक रहस्य छिपा हो सकता है.
Dark Matter Discovery: डार्क मैटर ब्रह्मांड का वह रहस्यमय हिस्सा है, जो अदृश्य होते हुए भी गुरुत्वाकर्षण के जरिए अपनी मौजूदगी का अहसास कराता है. लेकिन अभी तक डार्क मैटर को सीधे तौर पर देखा नहीं जा सका. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के वैज्ञानिकों की मानें तो डार्क मैटर की खोज सिर्फ 10 सेकंड में हो सकती है! उनका कहना है कि अगले नजदीकी सुपरनोवा (Supernova) विस्फोट के पहले 10 सेकंड के भीतर, हम डार्क मैटर के संभावित कणों, जिन्हें 'एक्सियॉन्स' कहा जाता है, का पता लगा सकते हैं. (Photos : NASA)
Dark Matter News: पिछले साल दो अमेरिकी वैज्ञानिकों- कैथरीन फ्रीज और मार्टिन वोल्फगैंग विंकलर ने एक क्रांतिकारी विचार सामने रखा. उन्होंने कहा कि शायद बिग बैंग के बाद एक और वैसा ही विस्फोट हुआ जिसे 'डार्क बिग बैंग' नाम दिया गया है. दावा था कि इस दूसरे विस्फोट के दौरान ही ब्रह्मांड में डार्क मैटर का निर्माण हुआ. कोलगेट यूनिवर्सिटी के दो वैज्ञानिकों- कॉस्मिन इली और रिचर्ड केसी ने उसी दावे केा आगे बढ़ाते हुए एक स्टडी की है. उनका कहना है कि 'डार्क बिग बैंग' की संभावना काफी अधिक है. अगर यह थ्योरी सही पाई जाती है तो खगोल विज्ञान के सबसे बड़े रहस्यों में से एक, डार्क मैटर के बारे में काफी कुछ पता लग सकता है.
Dark Matter Vs Normal Matter: ब्रह्मांड में दो गैलेक्सी क्लस्टर्स की इतनी भयानक टक्कर हो रही है कि डार्क मैटर, नॉर्मल मैटर से अलग हो गया है. वैज्ञानिकों ने इस तरह का नजारा पहली बार देखा है.
Dark Matter And Einstein Theory: दो वैज्ञानिकों का दावा है कि डार्क मैटर ऐसे कणों से बना है जो प्रकाश की गति से भी तेज चलते हैं. ये कण आइंस्टीन के विशेष सापेक्षता के सिद्धांत (Einstein's Theory of Special Relativity) का उल्लंघन करते हैं जिसके मुताबिक ब्रह्मांड में प्रकाश से तेज कुछ भी नहीं चल सकता.
Dark Matter In Milky Way: वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष के उस हिस्से में दो बौनी आकाशगंगाएं मिली हैं जहां पहले से ही बहुत सारी ऐसी आकाशगंगाएं मौजूद हैं. यहां बौनी आकाशगंगाओं की संख्या डार्क मैटर के तमाम मॉडलों के अनुमानों से कहीं ज्यादा है.
ब्रह्मांड के तमाम रहस्यों में से एक, 'डार्क मैटर' के बारे में हमें कुछ खास मालूम नहीं. वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में अब तक जो कुछ देखा है, उसके हिसाब से डार्क मैटर होना चाहिए. डार्क मैटर का पता लगाना लगभग नामुमकिन है क्योंकि यह सामान्य मैटर से बेहद कम प्रतिक्रिया करता है, करता भी है तो गुरुत्वाकर्षण के जरिए. गुरुत्वाकर्षण तो सबसे मजबूत ब्लैक होल का होता है. तो क्या डार्क मैटर में ब्लैक होल्स भी शामिल हैं? Nature और Astrophysical Journal Supplement में छपे दो नए रिसर्च पेपर इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश करते हैं. पोलैंड के वारसॉ विश्वविद्यालय की एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी के प्रेजेमेक मिरोज इन दोनों स्टडीज के लीड ऑथर हैं. उन्होंने अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) के 109 साल पुराने सिद्धांत पर आधारित तकनीक का प्रयोग किया.
Anti Universe Theory: वैज्ञानिक भी इस बात की संभावना से इनकार नहीं करते हैं कि हमारी दुनिया की ही तरह एक ऐसी भी दुनिया (Anti Universe Where time runs backwards) है, जहां भौतिकी के नियम अलग हैं और वक्त उल्टा चलता है.