Dawoodi Bohra Community on Waqf Law: वक्फ अमेंडमेंट एक्ट के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दाऊदी बोहरा समुदाय ने इस पर सरकार का समर्थन किया है. समुदाय का एक प्रतिनिधिनमंडल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस कानून को लागू करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है.
PM Modi Egypt Visit Live Update: आज मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी से मुलाकात करेंगे. इन दिनों मिस्र में सिर्फ मोदी-मोदी के नारे लग रहे हैं. जो तस्वीरें सामने आ रही हैं उससे साफ है बोहरा मुसलमानों के दिल में बसते हैं मोदी.
Social Boycott Practice in Bohra Muslims: दाऊदी बोहरा समाज में सालों से चली आ रही सामाजिक बहिष्कार की प्रथा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सुनवाई और जांच करेगी कि क्या यह प्रथा भारतीय कानून सामाजिक बहिष्कार (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के खिलाफ तो नहीं है?
पिछली सुनवाई में मुस्लिम समूह की ओर से पेश हुए वकील एएम सिंघवी ने कहा था कि बच्चियों के खतना को पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कहना गलत है और अपराध गलत नीयत से होता है.
दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय की नाबालिग लड़कियों का खतना 10वीं सदी से होता आ रहा है.
वकील एएम सिंघवी ने कहा था कि बच्चियों के खतना को पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कहना गलत है और अपराध गलत नीयत से होता है.
एक दिन के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर पहुंच चुके हैं. पीएम का स्वागत प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकदिवसीय प्रवास पर शुक्रवार को इंदौर दौरे पर रहेंगे. इस प्रवास के दौरान वे दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन से मुलाकात करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय प्रवास पर शुक्रवार को इंदौर आ रहे हैं. इस प्रवास के दौरान वे दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन से मुलाकात करेंगे.
दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन गुरुवार को इंदौर के 20 दिवसीय प्रवास पर पहुंचे.
दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय की लड़कियों के खतना की प्रथा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था नाबालिग लड़कियों का खतना परंपरा संविधान के अनुच्छेद-21 और अनुच्छेद-15 का उल्लंघन है. कोर्ट ने कहा था कि यह प्रक्रिया जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धर्म, नस्ल, जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव करता है.
बोहरा समुदाय का कहना है कि महिलाओं का खताना प्रशिक्षित मिडवाइफ़ (दाई) या डाक्टर करते है. समुदाय का कहना है कि ये प्रथा धर्म का अभिन्न हिस्सा है.
याचिकाकर्ता सुनीता तिवारी ने कहा कि बोहरा मुस्लिम समुदाय इस व्यवस्था को धार्मिक नियम कहता है. समुदाय का मानना है कि 7 साल की लड़की का खतना कर दिया जाना चाहिए.