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आशाओं के दीप से जगमग देश, जानिए वैदिक काल से लेकर आज तक क्या है इसका महत्व

बृहदारण्यकोपनिषद् का एक पवित्र मंत्र है तमसो मा ज्योतिर्गमय. यह सोमयज्ञ के दौरान उच्चारित किया जाने वाला प्रधानमंत्र है. यह एक प्रार्थना है, जो कहती है कि मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो. इसी मंत्र का दिव्य ज्ञान योगेश्वर कृष्ण कुरुक्षेत्र के रण में अर्जुन को देते हैं. महात्मा बुद्ध भी अप्प दीपो भवः का सदेश देते हैं. 

Apr 5, 2020, 10:43 PM IST