BJP minister threatened to close madrasas in West Bengal: पश्चिम बंगाल में मुसलमान जिन चीज़ों से डर रहे थे, उसकी शुरुआत हो चुकी है. भाजपा की सरकार बनते ही अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा है कि सरकार बंगाल में अवैध मदरसों को बंद कर देगी, जबकि मदरसों के वैध या अवैध होने के कोई मानक ही स्पष्ट नहीं है. ऐसे में अवैध मदरसों को बंद करने की धमकी ने अल्पसंख्यक वर्ग की चिंताओं को बढ़ा दिया है.
Supreme Court dismisses PIL: सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका को एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ खारिज कर दिया है.
Madarsa: उत्तर प्रदेश के मदरसों पर लगातार एक्शन जारी है और इस बीच मदरसा शिक्षा बोर्ड के जरिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को एक लेटर लिखा गया है, जिसमें कई अहम जानकारियां मांगी गई हैं. ये जानकारियां गूगल शीट पर सभी मदरसों को इंग्लिश में डालनी होंगी.
सीएम योगी ने माफिया बोर्ड को पहले ही वॉर्निंग दी थी...कि सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को समय रहते हटा लो... वरना एक्शन होगा... सीएम की वॉर्निंग का असर सहारनपुर में दिखने लगा है... साल 1988 से सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध मदरसा चलाया जा रहा था... प्रशासन नोटिस देता रहा और भाईजान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बढ़ाते रहे...अवैध अतिक्रमण विकास की राह में रोड़ा बना तो योगी का बुलडोजर गरज उठा.
Islamic Facts: इस्लाम में मदरसे और मस्जिदों की काफी अहमियत है. लेकिन नॉन- मुस्लिम अक्सर इन दोनों जगहों को लेकर कन्फ्यूज्ड हो जाते हैं. आखिर दोनों में क्या फर्क होता है? आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे, तो आइये जानते हैं.
Hindu Widow Remarriage Act 1856: भारत में आज ही के दिन 16 जुलाई 1856 को विधवाओं को दुबारा शादी करने के इज़ाज़त और हक़ देने के लिए हिंदू विधवा पुनर्विवाह कानून पास किया गया था. इस कानून को तो तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने पास किया था, लेकिन इस क़ानून को लेकर भारत में जनमत बनाने और आन्दोलन करने का श्रेय ईश्वर चंद्र विद्यासागर और राजा राम मोहन रॉय को जाता है. ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने वेदों का अध्ययन कर दलील दी थी कि विधवा पुनर्विवाह धर्म विरोधी नहीं है, जबकि ऐसा माना जाता है कि राजा राम मोहन रॉय को विधवा पुनर्विवाह का आईडिया मदरसा में अरबी फारसी और इस्लाम का अध्ययन करते वक़्त आया था.
SC on Madarsa: सुप्रीम कोर्ट से मदरसा छात्रों को बड़ी राहत दिखाई दी है. कोर्ट ने यूपी सरकार और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है.
Madarsa Kamil Fazil: मदरसा में कामिल और फाजिल शिक्षा पर रोक लगाने के बाद 25 हजार छात्रों की पढ़ाई बीच में रुकी हुई है. ऐसे में स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें मदरसों को संविधान के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया गया था. आइये जानते हैं भारत में कैसे चलता है मदरसों का पूरा निजाम ? कौन करता हैं यहाँ पढ़ाई, किसे होता है फायदा और किसे है इससे नुकसान ?
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि मदरसे शिक्षा के अधिकार के तहत नहीं चल रहे हैं यहां तक कि कई हिंदू बच्चों को मदरसों में पढ़ाया जा रहा है.
NCPCR Recommendation: NCPCR की तरफ से एक रिपोर्ट तैयार की गई है. इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि मदरसों को हर तरह का फंड बंद होना चाहिए. NCPCR का कहना है कि मदरसों में पढ़ाई कम बच्चों के अधिकारों का हनन होता है.
Madarsa Controversy: मदरसा यानि इस्लाम की तालीम देने का सबसे बड़ा केंद्र. लेकिन इन्ही मदरसों को लेकर अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला खुलासा है यहां होने वाली पढ़ाई के बारे में मदरसों में कुरान और हदीस जैसी पाक तालीम तो दी जा रही है. लेकिन यहां पढ़ने वाले मासूम दुनिया दारी और विज्ञान इतिहास जैसे विषयों से महरूम है. जी मीडिया ने देश के कई मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों और टीचर का सरप्राइज टेस्ट लिया. आइए आपको दिखाते हैं इस टेस्ट का क्या नतीजा निकला.
मदरसों में ऐसे शिक्षकों को नियुक्त कर लिया जाता है जिन्होंने खुद ही शिक्षक बनने के लिए जरूरी ट्रेनिंग नहीं ली होती. मदरसा में बच्चों को दी जा रही शिक्षा का स्तर, Right to Education Act के प्रावधानों के खिलाफ है. मदरसों में शिक्षा का स्तर इतना खराब है कि बच्चों को एक स्वस्थ माहौल और विकास के बेहतर अवसर भी नहीं मिल पा रहे हैं. मदरसे में शिक्षा प्राप्त करने वाला बच्चा, स्कूल में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम के बुनियादी ज्ञान से वंचित रह जाता है.
NCPR on Madarsa: सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मदरसों को लेकर जवाब दाखिल किया है. आयोग का कहना है कि बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल पा रही है. पढ़ें पूरी खबर
Supreme Court Hearing on Madarsa: मदरसों को लेकर एनसीपीसीआर की रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई है। NCPCR की रिपोर्ट ने मदरसों की तालीम पर कई सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में मदरसों को दी जा रही शिक्षा का विरोध हुआ है।
Madrasa Education: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल लिखित दलीलों में मदरसों में मिलने वाली शिक्षा का विरोध किया है. NCPCR ने कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा है कि मदरसों में बच्चों को औपचारिक, क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल पा रही है.
Madarsa Habibia: प्रयागराज के मदरसा हबीबिया को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मदरसे को विदेशों से फंडिंग हो रही थी और इसके साथ ही कई राज्यों से भी लाखों रुपये आते थे.
Fake Note in Madarsa: प्रयागराज के मदरसा जामिया हबीबिया में नकली नोट बनाने की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई है, वहीं पुलिस भी इस बात की जानकारी पाकर काफी हैरान थी. मदरसे के मौलवी मोहम्मद तफसीरुल समेत चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, और उनसे पूछताछ कर रही है. प्रयागराज के मदरसा जामिया हबीबिया में नकली नोट बनाए जाने की फैक्ट्री संचालित होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने अरोपियों के साथ कई नकली नोट बनाने की मशीन भी जब्त की है. पुलिस के मुताबिक मदरसा जामिया हबीबिया के प्रिंसिपल मोहम्मद तफसीरूल ने उड़ीसा के नकली नोट बनाने वाले जाहिर ख़ान को किराए पर मदरसे में कमरा दिया था
Madarsa Education: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि मदरसों में नई तालीम दी जानी चाहिए ताकि बच्चे अपना रोजगार भी कर सकें. मदरसों के बंद होने के सवाल पर कहा गया कि यह मामला अभी कानूनी टीम देख रही है.
मध्यप्रदेश में मदरसा घोटाला चल रहा है। यहां के श्योपुर में ऐसे 56 मदरसे पाए गए हैं, जिनमें एक भी हिंदू बच्चा नहीं पढ़ रहा था। ये मदरसे हिंदू बच्चों को पढ़ाने के नाम पर सरकार से फंड ले रहे थे। यही नहीं इन मदरसों में नियमों का उल्लंघन भी किया जा रहा था। अब मध्यप्रदेश सरकार ने इन 56 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी है।
DNA: मध्य प्रदेश में मदरसों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR ने MP सरकार को सुझाव दिया है. NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि, मध्य प्रदेश के मदरसों में बुनियादी ढांचे का अभाव है. मदरसों में पढ़ रहे हिंदू बच्चों को वहां से निकाला जाना चाहिए. हिंदू बच्चों को सामान्य स्कूल में भेजें. एमपी में 1,755 रजिस्टर्ड मदरसे' हैं और इन 'मदरसों में 9,417 हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं'. कानूनगो ने मांग की कि मुस्लिम बच्चों को भी सामान्य स्कूलों में भेजा जाना चाहिए.
Uttrakhand Madarsa News: हाल ही में पता चला है कि उत्तराखंड के कई मदरसों में हिंदू बच्चे पढ़ते हैं. NCPCR ने कहा है कि हिंदू बच्चों को मसदरसों से निकाल कर सामान्य स्कूलों में भेजा जाना चाहिए.