USA called former President of Afghanistan Ghani a traitor Says got the Americans killed : अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी की निंदा करते हुए उन्हें धोखेबाज और शांतिवार्ता में सबसे बड़ा बाधक बताया है.
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ‘बहुत धोखेबाज’ थे, उन्हें सिर्फ अपनी परवाह थी और वह किसी तरह सत्ता में बने रहना चाहते थे और वह किसी भी शांतिवार्ता के लिए बहुत बड़ा अवरोधक थे.
India-China Dispute: चीन (China) के आक्रामक रवैये के चलते अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत क्वाड (Quad) में शामिल हुआ. ये दावा अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने किया है.
Mike Pompeo insulted Sushma Swaraj: अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने दिवंगत नेता सुषमा स्वराजो को कभी भी अहम नहीं माना. दरअसल पोम्पिओ ने अपनी किताब ‘नेवर गिव एन इंच: फाइटिंग फॉर अमेरिका आई लव’ में कई नेताओं के बारे में जिक्र किया है.
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने दावा किया है कि बालाकोट स्ट्राइक के बाद भारत पर न्यूक्लियर अटैक की तैयारी में पाकिस्तान लगा हुआ था.
Mike Pompeo: ମାଇକ୍ ପମ୍ପିଓ କହିଛନ୍ତି ଯେ, ୨୦୧୯ ମସିହାରେ ଯେତେବେଳେ ଏହି ଘଟଣା ଫେବୃଆରୀ ୨୭-୨୮ରେ ଘଟିଥିଲା, ସେ ଭିଏତନାମର ହନୋଇରେ ଥିଲେ । ଏହା ପରେ ତାଙ୍କ ଟିମ୍ ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ ଓ ଇସଲାମାବାଦ ସହ ଏ ବିଷୟରେ କଥା ହୋଇଥିଲେ ।
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि उन्होंने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज को कभी 'महत्वपूर्ण राजनीतिक शख्सियत' के रूप में नहीं देखा लेकिन विदेश मंत्री एस जयशंकर से पहली मुलाकात में ही अच्छे मित्रवत रिश्ते बन गए थे
अमेरिका (US) के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) को तोहफे में मिली 5,800 अमेरिकी डॉलर की जापानी व्हिस्की (Japanese Whiskey) अचानक कहीं गुम हो गई है. इस घटना के बाद से ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय हैरान है और इस महंगी शराब का क्या हुआ यह पता लगाने की लिए जांच में जुट गया है.
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि वुहान की लैब चीन की मिलिट्री से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल थी.
जो बाइडेन के शपथ लेने के तुरंत बाद ही चीन ने बड़ा कदम उठाया है. चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में अहम पदों पर रहे 28 अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें सबसे अहम नाम है माइक पोम्पियो का.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने कहा, ‘‘यह अमेरिकी नेता, जो झूठ बोलने और फरेब करने के लिए कुख्यात है, खुद को ‘महाविनाश का वाहक’ बना रहा है... ’’पोम्पियो की मंगलवार को की गई घोषणा पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत नहीं है लेकिन चीन के खिलाफ अमेरिका अपनी नीति तैयार करने में चीन के संबंध में उनकी घोषणा पर गौर कर सकता है
अमेरिका से विदाई ले रहा ट्रंप प्रशासन जाते-जाते ईरान के खिलाफ नरमी बरतने के मूड में नहीं है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने आरोप लगाया कि ईरान ने अमेरिकी दूतावास पर हमला करने वाले अल कायदा के आतंकियों को अपने यहां पर शरण दी.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने हमेशा कास्त्रो शासन के उन संसाधनों तक पहुंच रोकने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिनका इस्तेमाल वह लोगों को दबाने में करता है. वहीं हमने ‘वेनेजुएला (Venezuela) में भी ऐसे हस्तक्षेप रोकने की कोशिश की है.
Farmers Protest: इससे पहले भारत ने किसानों के प्रदर्शन के बारे में विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को ‘भ्रामक सूचनाओं पर आधारित’ और ‘अनुचित’ बताया है और जोर देकर कहा है कि यह एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से जुड़ा मुद्दा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा कि दुनिया अब चीन को पीछे धकेलना चाहती है. आप भारत को देखिए, उसने चीनी ऐप्स को बैन कर दिया, चीन का सामान खरीदने से इनकार कर दिया. इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन को सही जवाब दिया है.
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा कि हमारी कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सभी को नियमों का पालन करना होगा. हमने तुर्की को रूसी S-400 से अमेरिका को होने वाले खतरों के विषय में बताया है और हम चाहते हैं कि वो हमारे साथ मिलकर इस विवाद को हल करे.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म के मुताबिक जीने का हक मिलना चाहिए और हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करते रहेंगे.
चीन के साथ बढ़ रहे तनाव के बीच अब अमेरिका ने चीन पर नया प्रतिबंध लगा दिया है. ट्रंप प्रशासन ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और संयुक्त मोर्चा के उन अधिकारियों को वीजा नहीं देने का फैसला किया है जो अमेरिका समेत दूसरे देशों में प्रोपेगेंडा (Propaganda) चला रहे हैं.
ये भी कमाल है, यदि एक देश का राष्ट्रपति जिद्दी हो सकता है तो कम से कम उस देश के विदेश मंत्री को तो जिद्दी होने की जरूरत नहीं है, और यदि ऐसा ही है तो फिर ये मामला क्या है?
जो बाइडन ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का हार स्वीकार न करना शर्मनाक. बाइडन ने कहा कि उन्होंने दुनियाभर के नेताओं से बात करना शुरू कर दिया है.
अमेरिका में आने वाले दिनों में सियासी गतिरोध और बढ़ने की आशंका है. डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा है कि चुनाव में धांधली हुई है और जनता परिणामों को स्वीकार नहीं करेगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो सात देशों की यात्रा पर जाने वाले हैं. ऐसे वक्त में जब अमेरिका में सियासी उथलपुथल चल रही है, पोम्पियो के इस दौरे पर जो बाइडेन को आपत्ति हो सकती है. हालांकि उन्होंने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.