parveen shakir

"अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है..." ख्वातीन की आवाज़ "परवीन शाकिर" के यौमे वफात पर खास

परवीन शाकिर की शायरी ख्वातीन के दिलों के काफी नज़दीक है. उनकी शायरी में वो दर्द और कर्ब है जो हर किसी को अपनी जानिब माइल करता हैं. 

Dec 26, 2020, 02:25 PM IST