IAS Officer Niaz Khan Controversial Statement: मध्य प्रदेश काडर के IAS नियाज खान के बयान ने एक बार फिर विवाद को हवा दे दी है. नियाज खान ने कहा है कि इस्लाम तो अरब का धर्म है। और यहां तो सभी हिंदू थे। उन्होंने कहा है कि हिंदू से लोग मुस्लिम बनाए गए थे। इसलिए भले ही धर्म अलग हों लेकिन खून एक है। नियाज खान ने मुसलमानों से अपील की है कि वो हिंदुओं को अपना भाई मानें... नियाज खान का इस तरह का बयान पहली बार नहीं आया है... वो कई बार अपने बयानों की वजह से चर्चा में आ चुके हैं.
To The Point: राजनीति में टाइमिंग काफी मायने रखती है. और दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस पार्टी ने एक याचिका बहुत बड़ा दांव चल दिया है..माना जा रहा है कि कांग्रेस ने दिल्ली के 13 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए वर्शिप एक्ट को लेकर याचिका दायर की है. कोर्ट से अपील की है कि वर्शिप Delhi Election 2025 एक्ट को लेकर जो याचिकाएं है. उनमें कांग्रेस का पक्ष भी सुना जाए. और याचिका में दावा है कि अगर वर्शिप एक्ट से छेड़छाड़ हुई तो ये देश के सेक्युलर ढांचे के साथ एकता और अखंडता के लिए भी खतरनाक होगा.
महाराष्ट्र में कुछ घंटे बाद वोटिंग होनी है लेकिन उससे पहले प्रचार के आखिरी दिन जुबानी हमलों से बात आगे बढ़कर हिंसा तक आ गई , NCP शरद पवार गुट के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर नागपुर के कटोल विधानसभा क्षेत्र में हमला किया गया जिसमें वो घायल हो गए , विपक्ष हमले का आरोप बीजेपी पर लगा रहा है
To The Point: महाराष्ट्र चुनाव में मुस्लिम वोट के लिए एक नया ईको सिस्टम खड़ा हो गया है. हर कोई मुस्लिम वोट का ठेकेदार बना घूम रहा है. पहले उलेमा बोर्ड और अब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना सज्जाद नोमानी. जिन्होंने खुलेआम चुनावी टारगेट बता दिया है. मौलाना सज्जाद नोमानी ने तो यहां तक कह दिया है कि उनका असली निशाना महाराष्ट्र नहीं बल्कि दिल्ली है. क्यों कि अगर BJP महाराष्ट्र हारती है तो दिल्ली की सरकार गिर जाएगी. उनका मकसद मुल्क की हुकूमत और आनेवाला कल है..इसलिए उन्होंने लिस्ट भी जारी की है. जिसमें ज्यादातर MVA के उम्मीदवार हैं. जिनका समर्थन का ऐलान किया गया है.
To The Point: महाराष्ट्र का चुनावी दंगल महाअघाडी और महायुति के बीच जुबानी तकरार से निकलकर अब फतवा बना भगवा हो चुका है. बीजेपी, हिंदुत्व को हथियार बनाकर महाअघाड़ी को चुनाव में चित करना चाहती है. तो वहीं महाअघाड़ी को भी मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण से गुरेज नहीं है. मुस्लिम वोटो के लिए वो मुस्लिम संगठनों से हर डील करने को तैयार है. अब इस चुनावी समर में पीएम मोदी ने भी अपने तरकश से तीर छोड़ दिए हैं. कल संभाजी नगर में हुई रैली में पीएम मोदी ने महाविकास अघाड़ी पर जमकर हमले किए. पीएम मोदी ने कहा कि महाविकास अघाड़ी. भगवा आतंकवाद का शब्द गढ़ते है. इन्हें सनातन से दिक्कत है.
महाराष्ट्र के चुनावी दंगल में वोटों की लड़ाई, अब तू-तडाक से आगे निकल चुकी है. चुनावी लड़ाई में असल मुद्दे गायब है. लड़ाई अब व्यक्तिगत जा चुकी है, भाषा अमर्यादित हो चुकी है....महाराष्ट्र के सोलापुर में जब पुलिस ने ओवैसी को भड़काऊ बयान नहीं देने का नोटिस दिया, तो सियासत और गरम हो गई. ओवैसी ने आरोप लगाया कि कि जो मस्जिद में घुसकर मारने की धमकी देते हैं, उन्हें नोटिस नहीं दिया जा रहा, जो चुनाव को वोद जिहाद और धर्मयुद्ध बता रहे हैं उन्हें नोटिस नहीं दिया जा रहा...सिर्फ सलेक्टिव कार्रवाई हो रही है.
To The Point: महाराष्ट्र में योगी के बंटेगे तो कटेंगे के बाद खरगे के बयान पर सियासी घमासान शुरु हो गया है. दरअसल खरगे ने योगी की भाषा को आतंकियों वाली भाषा बताया है.यही नहीं खरगे ने योगी आदित्यनाथ के भगवा रंग के वस्त्रों पर भी बयानबाजी की. जिसके बाद BJP ने जबरदस्त पलटवार किया है. BJP कह रही है..खरगे भगवा की चिंता ना करें. योगी की भाषा को आतंकी और कपड़ों पर कमेंट पर संतों में भी नाराजगी है. खरगे कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या उनका इस तरह का बयान योगी के नारे का असर है. ध्रुवीकरण की कोशिश है इस बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं.
To The Point: वक्फ संशोधन बिल पर संसद की समिति में चर्चा हो रही है लेकिन इस पर सियासी असर ऐसा है कि इसे मुस्लिम विरोधी बताते हुए दिल्ली से लेकर जयपुर तक बड़ी बड़ी सभाएं हो रही हैं और उसमें सीधे-सीधे एलान-ए-जंग की ललकार हो रही है. पहले अरशद मदनी ने कहा सरकार मुसलमानों की जमीन को हड़पने की साजिश कर रही है तो अब मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि अगर हम सड़कों पर आ गए तो तुम्हारी रूह कांप जाएगी. अगर कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी. तो क्या वक्फ बिल पर सीधे सरकार को धमकी दी जा रही है क्या ऐसे बयानों से माहौल खराब नहीं होगा.
To The Point: महाराष्ट्र में अब से कुछ देर में गृहमंत्री अमित शाह BJP का संकल्प पत्र जारी करेंगे. जिसमें वो कई बड़े वादे होंगे. इससे पहले महायुति और MVA की ओर से अपने अपने वादे किये गए हैं. हलांकि महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति, संविधान, मुस्लिम आरक्षण और वोट जिहाद के इर्द गिर्द घूम रही है. कांग्रेस की ओर से उलेमा बोर्ड को 10 फीसदी आरक्षण की मांग पर विचार करने को कहा है. जिसे बीजेपी की ओर से वोट जिहाद बताया जा रहा है. ऐसे में आज सवाल है कि महाराष्ट्र में किसकी गारंटी पर यकीन करेगी जनता ? वोट जिहाद के आरोपों के दावों में कितनी सच्चाई है.
To The Point: ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने महाविकास अघाड़ी को एक खत लिखा है और लिखा ये है। सरकार बनाने के लिए ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड, महाअघाडी का पूरा सपोर्ट करने को तैयार है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड महाअघाडी के कैंडिडेट्स का समर्थन भी करेगा औरप्रचार भी करेगा लेकिन कुछ शर्ते माननी होगी।
To The Point: लाल चौक पर हमले के बाद तगड़ा एक्शन लिया गया है। सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। तो वहीं एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर कायराना हमला किया है। श्रीनगर के लाल चौक पर बड़ा ग्रेनेड हमला हुआ है। जिसमें कई लोग ज़ख़्मी हो गए हैं।
To The Point: दिवाली का त्योहार शुरु हो चुका है.. लेकिन हिंदू त्योहार शुरु होते ही कुछ लोगों ने ज्ञान बांटना शुरु कर दिया है.. कई फिल्मी सितारे और सियासी पार्टियां लोगों को सलाह दे रही हैं. कि दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोग पटाखे ना छोड़ें.. वहीं बीजेपी और आतिशबाज़ी करनेवालों का कहना है कि सिर्फ हिंदू त्योहारों से ही इतनी एलर्जी क्यों होती है.. क्यों दिवाली और होली पर ही ज्ञान बांटा जाता है, जबकि दूसरे धर्म के त्योहारों से किसी को परेशानी नहीं होती.. आखिर त्योहारों पर भी क्यों हो रहा है तुष्टिकरण.. करेंगे बड़ी बहस.
महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है... और तमाम सियासी दलों ने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है... लेकिन महाराष्ट्र में कई सीटों पर इस बार की लड़ाई चाचा और भतीजा के बीच है...महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बारामती फिर से हॉट सीट हो गई है... यहां पर अजीत पवार के ख़िलाफ़ शरद पवार ने अजीत के ही भतीजे युगेन्द्र पवार को चुनावी मैदान में उतार दिया है.. तो वहीं तो वही छगन भुजबल के भतीजे समीर ने एनसीपी से इस्तीफ़ा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने अपने भतीजे अमित ठाकरे के सामने उम्मीदवार उतर दिया है...
झारखंड में चुनावी तारीखों के एलान के बाद सियासी लड़ाई अब चरम पर पहुंच रही है इस बीच असम के सीएम और बीजेपी के झारखंड सहप्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा के हिंदू पर दिए बयान ने चुनावी तापमान बढ़ा दिया है..हिमंता का कहना है कि अगर हिंदू रहेगा.. तो झारखंड रहेगा.. और बीजेपी की सरकार बनी तो घुसपैठियों को लात मारकर बाहर निकाल देंगे.. वहीं बिहार के अररिया में भी बीजेपी सांसद ने कहा था कि अररिया में रहना होगा तो हिंदू बनकर रहना होगा.. बिहार में उपचुनाव और झारखंड में विधानसभा चुनाव है.. सवाल ये है कि क्या ये बयान वोटों के ध्रुवीकरण के लिए है .
प्रियंका गांधी की पहली बार चुनावी राजनीति में एंट्री हो रही है प्रियंका वायनाड सीट से चुनावी मैदान में हैं.. प्रियंका के नामांकन के बहाने कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन करने वाली है.. हालांकि कांग्रेस के लिए वायनाड सेफ सीट मानी जाती है.. 2004 से कांग्रेस का इस सीट पर कब्ज़ा है और 2019 और 2024 में राहुल गांधी बड़े अंतर से इस सीट पर जीत हासिल कर चुके हैं.. लेकिन अहम सवाल ये है कि यूपी में बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने के बाद भी प्रियंका कोई कमाल नहीं कर पाईं..
To The Point: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हिंसा के आरोपी किसी भी हालत में बच नहीं पाएंगे. अब इन आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी है. ऐसा इसीलिए कहा जा रहा है कि PWD विभाग बहराइच हिंसा के आरोपी अब्दुल हमीद समेत 23 लोगों के घरों पर नोटिस चिपकाया है. और ये नोटिस अवैध निर्माण से जुड़ा है. नोटिस में 3 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है और कहा है कि वो खुद ये अपना ये अवैध निर्माण हटा लें. इसके साथ ही प्रशासन ने 40 घरों पर लाल निशान भी लगाया है. इस नोटिस और लाल निशान के बाद से ये चर्चा तेज हो गई है कि जल्द ही यहां पर बुलडोजर एक्शन हो सकता है.
To The Point: 13 सितंबर को बहराइच में विसर्जन जुलूस के दौरान बवाल हुआ और रामगोपाल नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई.. और 17 सितंबर यानि गुरुवार को पुलिस ने बहराइच के मुजरिमों को गिरफ्तार कर लिया.. इसमें से 2 आरोपियों सरफराज और तालिब के साथ पुलिस का एनकाउंटर हुआ. एनकाउंटर की खबर सामने आई तो इस पर राजनीति भी शुरु हो गई.. लेकिन इस पर सियासत करने वालों ने मज़हब का चश्मा पहन लिया.. रामगोपाल के मर्डर पर चुप्पी साधने वालों ने सरफराज़ और तालिब के एनकाउंटर को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठा दिये.. करेंगे इसी पर बड़ी बहस.. कि आखिर ये सियासत सेलेक्टिव क्यों हैं.. साथ हैं खास मेहमान भी.
To The Point: उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. लेकिन मिल्कीपुर में लड़ाई अभी शेष है. चुनाव आयोग ने कोर्ट केस का हवाला देते हुए तारीख की घोषणा नहीं की है. वहीं विपक्ष ने इस मामले में बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. विपक्ष का कहना है कि अयोध्या में राम जी ने इन्हें पहले भी हराया था. अब मिल्कीपुर में भी इन्हें हार का डर सता रहा है. आखिर क्यों मिल्कीपुर यूपी में बनी हुई हॉट सीट.
To The Point: AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर से अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. ओवेसी तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे और हमास इजरायल युद्ध का जिक्र कर रहे थे. इसी दौरान वो एक ऐसा बयान दे बैठे जिसके बाद से विवाद शुरू हो गया है. ओवेसी ने कहा कि तुम अपने आप को मत बांटो. तुम मुत्तहिद नहीं रहोगे तो इंतिशार की कैफियत पैदा हो जाएगी. जिसका मतलब ये है कि वो कह रहे हैं कि एकजुट नहीं रहेंगे तो विरोधियों से कैसे लड़ोंगे. सवाल ये है कि आखिर वो इस बयान के जरिए क्या भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
To The Point: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मस्जिद विवाद के बीच देवभूमि संघर्ष समिति मुस्लिम समुदाय के बहिष्कार की अपील कर रही है। समिति द्वारा शिमला के उप नगर संजौली बाजार में फल व सब्जियों की दुकानों में सनातन सब्जी वाला के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि फल व सब्जियां केवल हिंदू दुकानदारों से ही खरीदी जाए। इससे शिमला का माहौल फिर गरमाने लगा है। तो वहीं शिमला के संजौली मस्जिद मामले में मुस्लिम संगठन दो फाड़ हो गये हैं। एक पक्ष की राय नगर निगम आयुक्त कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की है। दूसरी तरफ संजौली मस्जिद समिति अनधिकृत हिस्सों को ध्वस्त करने के लिए मंजूरी दे
To The Point: क्या हिमाचल में जल्द ही योगी मॉडल लागू होने वाला है. ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पिछले कई दिनों से हिमाचल प्रदेश में योगी मॉडल की मांग हो रही है. हिमाचल प्रदेश के मंत्री कभी अतिक्रमण के खिलाफ योगी मॉडल की मांग करते हैं तो कभी मंत्री जी यूपी की तर्ज पर नेम प्लेट कानून लागू करने की बात करते हैं. और अब हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वो हिमाचल में यूपी का शिक्षा मॉडल लागू करेंगे. ऐसे में सवाल ये है कि क्या कांग्रेस नेताओं को योगी मॉडल पसंद आ रहा है.
To The Point: यूपी में अपराध और अपराधियों की जाति को लेकर घमासान जारी है. अब अमेठी में एक शिक्षक और उसके परिवार की हत्या पर फिर से सियासी जंग छिड़ गई है. बीएसपी प्रमुख मायावती ने दलित परिवार की निर्मम हत्या पर योगी सरकार को घेरा है, तो अखिलेश ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए है. सवाल है कि यूपी में अगर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर पुलिस एक्शन जारी है, तो फिर अपराधियों में इतना साहस कहां से आ रहा है, कि वो घर में बेखौफ घुसकर हत्याकांड को अंजाम दे रहे हैं. सवाल ये भी हर अपराध को जाति से जोड़ना कहां तक सही है.