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चंद्रयान-2 मिशन से पहले रूस ने स्थापित की वेधशाला, अंतरिक्ष के रहस्यों से हटेगा पर्दा

भारत का चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) मिशन सोमवार तड़के शुरू होगा, वहीं रूसी प्रोटॉम-एम प्रक्षेपण यान से ले जाई गई अंतरिक्ष वेधशाला स्पेक्टर-आरजी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गई है. 

चंद्रयान-2 मिशन से पहले रूस ने स्थापित की वेधशाला, अंतरिक्ष के रहस्यों से हटेगा पर्दा
अंतरिक्ष वेधशाला स्पेक्टर-आरजी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गई है.

मास्को: हम भारतीय जहां चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) मिशन की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं रूस ने अंतरिक्ष के गूढ़ रहस्य से पर्दा हटाने के लिए वेधशाला स्थापित किया है. भारत का चंद्रयान-2 मिशन सोमवार तड़के शुरू होगा, वहीं रूसी प्रोटॉम-एम प्रक्षेपण यान से ले जाई गई अंतरिक्ष वेधशाला स्पेक्टर-आरजी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गई है. 

रूसी सरकारी अंतरिक्ष संघ रॉसकॉसमॉस ने एक बयान में यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बयान के हवाले से कहा कि अंतरिक्ष यान शनिवार को कजाकिस्तान में बाईकोनुर कोस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया. यह इस प्रकार के लॉन्च व्हीकल का 2019 में दूसरा लॉन्च है.

बयान के अनुसार, दो अद्वितीय एक्स-रे मिरर टेलीस्कोप्स से लैस कक्षीय वेधशाला ने एक्स-रे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन में ब्रह्मांड का पता लगाने के लिए अपनी 100 दिवसीय उड़ान शुरू कर दी है.

रॉसकॉसमॉस के अनुसार, स्पेक्टर-आरजी एक रूसी परियोजना है जिसमें जर्मनी ने सहयोग किया है. इसका मुख्य लक्ष्य आकाशगंगाओं के लगभग एक लाख सबसे बड़े समूहों और 30 लाख विशालकाय ब्लैक होल्स को दर्ज करते हुए पूरे आकाश का नक्शा बनाना है.