लड़की ने बयां किया Afghani होने का दर्द: 'हम किसी के लिए मायने नहीं रखते, इतिहास में धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे’
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लड़की ने बयां किया Afghani होने का दर्द: 'हम किसी के लिए मायने नहीं रखते, इतिहास में धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे’

अफगानिस्तान के हालात पर एक लड़की का वीडियो वायरल हो रहा है. लड़की ने अपने अफगानी होने का दर्द बयां किया है. उसका कहना है कि दुनिया को अफगानिस्तान के लोगों की कोई परवाह नहीं है. सभी ने उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया है. वहीं, कुछ देश तालिबान शासन के समर्थन में आगे आए हैं. 

लड़की ने बयां किया Afghani होने का दर्द: 'हम किसी के लिए मायने नहीं रखते, इतिहास में धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे’

काबुल: तालिबान (Taliban) के क्रूर शासन से बचने के लिए अफगानी मुल्क छोड़कर भाग रहे हैं. पूरे अफगानिस्तान (Afghanistan) में भगदड़ मची हुई है. काबुल हवाईअड्डे पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद हैं. हर किसी की कोशिश बस किसी तरह देश से बाहर निकलने की है. इसी जद्दोजहद में उड़ते विमान से गिरकर कुछ लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है. इस बीच, एक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने अपने अफगानी होने का दर्द बयां किया है.   

‘मुझे आंसू पोंछने होंगे’

वायरल वीडियो (Viral Video) में लड़की (Girl) अफगानी भाषा में अपना दर्द बयां कर रही है. वो रोते हुए कह रही है कि हमारा होना किसी के लिए मायने नहीं रखता है, क्योंकि हम अफगानिस्तान में पैदा हुए हैं. वीडियो में लड़की को कहते देखा जा सकता है कि मुझे आंसू पोंछने होंगे, किसी को हमारी परवाह नहीं है. हम इतिहास में धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे. 

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Novelist ने शेयर किया Video 

इस 45 सेकंड के वीडियो में लड़की ने वो सब बयां कर दिया है, जो इस वक्त अफगानिस्तान के लोग महसूस कर रहे हैं. वीडियो को अफगान उपन्यासकार Khaled Hosseini ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है, जिसे अब तक 2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. बता दें कि तालिबान के काबुल पर कब्जे के साथ ही अफगानिस्तान छोड़ने वालों की बाढ़ आ गई है. एयरपोर्ट का नजारा किसी बस स्टैंड जैसा हो गया है. हर तरफ भीड़ नजर आ रही है.   

इन देशों को पसंद है Taliban 

दूसरी ओर, पाकिस्तान सहित कुछ देशों ने अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत का समर्थन किया है. इसमें चीन के साथ-साथ रूस और ईरान भी शामिल है. इन देशों को उम्मीद है कि तालिबान का शासन स्थायी होगा और अमेरिका की हार से स्थायी शांति की उम्मीद जगी है. वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने अफगानिस्तान स्थित अपने दूतावासों बंद कर दिए हैं और अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

 

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