close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के दावेदार पहली बहस के लिए तैयार, US की पहली हिंदू सांसद भी दौड़ में

अमेरिका में साल 2020 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए 10 डेमोक्रेटिक दावेदार यहां पार्टी की पहली बहस के लिए जुट गए हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के दावेदार पहली बहस के लिए तैयार, US की पहली हिंदू सांसद भी दौड़ में
.(फाइल फोटो)

मियामी: अमेरिका में साल 2020 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए 10 डेमोक्रेटिक दावेदार यहां पार्टी की पहली बहस के लिए जुट गए हैं. गुरुवार से शुरू हो रहे दो रातों के कार्यक्रम में 10 अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चुनावों में सबसे ज्यादा समर्थन पाने वाले प्रतिभागियों के पहले समूह में मैसाचुसेट्स से सीनेटर एलिजाबेथ वारेन, टेक्सास के पूर्व सांसद बेटो ओ'रॉर्के और न्यूजर्सी से सीनेटर कोरी बुकर हैं.

उनके साथ मिनेसोटा के गर्वनर एमी क्लोबुकर, न्यूयार्क के मेयर बिल डे ब्लासियो, सैन एंटोनियो के पूर्व मेयर जूलियन कास्त्रो, मैरीलैंड के पूर्व सांसद जॉन डिलेनी, वाशिंगटन के गवर्नर जय इंस्ली, हवाई के सांसद तुलसी गाबार्ड और ओहियो के सांसद टिम र्यान भी हैं.

नई बहस के नियमों के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार के पास सभापति द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देने के लिए 60 सेकेंड और सवाल का खंडन करने के लिए 30 सेकेंड का समय होगा. इसमें कोई शुरुआती बयान नहीं है, लेकिन प्रत्येक उम्मीदवार के पास अंतिम बयान के लिए एक मिनट का समय होगा.

तुलसी गबार्ड ने डंके की चोट पर कहा था, मुझे गर्व है, मैं हिंदू हूं
37 वर्षीय गबार्ड ने 11 जनवरी को घोषणा की थी कि वह 2020 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी में दावेदारी पेश करेंगी. इस तीखे लेख में गबार्ड ने खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताए जाने के आरोपों की ओर इशारा किया. उन्होंने पूछा, “कल क्या मुस्लिम या यहूदी अमेरिकी कहोगेजापानी, लातिन अमेरिका या अफ्रीकी अमेरिकी कहोगे?” गबार्ड ने कहा, “मेरे देश के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना वहीं गैर-हिंदू नेताओं पर कोई सवाल नहीं करना, दोहरे मापदंड को स्पष्ट करता है जो केवल एक बात में निहित हो सकती है:

‘धार्मिक भेदभाव’. मैं हिंदू हूं और वे नहीं.’’ उन्होंने कहा, “भारत के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरी मुलाकात को इसके ‘साक्ष्य’ के तौर पर दर्शाया गया और इसे एक तरह से असामान्य बताया गया जबकि राष्ट्रपति (बराक) ओबामा, मंत्री (हिलेरी) क्लिंटन, राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप और कांग्रेस के मेरे कई साथी उनसे मुलाकात कर चुके हैं और उनके साथ काम कर चुके हैं.”

हवाई से चार बार की डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद ने कहा, “कांग्रेस में चुनी जाने वाली पहली हिंदू-अमेरिकी होने और अब राष्ट्रपति पद के लिए पहली हिंदू-अमेरिकी दावेदार होने का मुझे गर्व है.” गबार्ड ने कहा कि सुर्खियों में राष्ट्रपति पद के लिए उनकी दावेदारी को भले ही ऐतिहासिक बताया जा रहा है, हो सकता है कि अमेरिकियों को विश्व के तीसरे बड़े धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी हो, लेकिन, “कुछ ने इसकी बजाए न सिर्फ मुझे लेकर बल्कि मेरे समर्थकों को लेकर भी संदेह, डर एवं धर्मांधता भड़काई है.” उन्होंने विपक्षी पार्टियों द्वारा पूर्व में उनके खिलाफ हुए हमलों की ओर इशारा किया. 

इनपुट आईएएनएस से भी