सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था श्रीलंका में हुए का धमाकों जिम्मेदार हमलावर

अब्दुल ने कहा कि हाशमी एक रिश्तेदार के साथ कई बार उनके घर आया था और बताया था कि वह एक मस्जिद में पढ़ाई कर रहा है.

सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था श्रीलंका में हुए का धमाकों जिम्मेदार हमलावर
जाहरान नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का नेता था.

नई दिल्ली: श्रीलंका में ईस्टर के दिन रविवार को आत्मघाती बम हमलों को अंजाम देने वाले हमलावरों की टीम का नेतृत्व करने वाला जाहरान हाशमी बेहद सामान्य परिवार से था. उसके ससुर ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

मंगलवार को 'डेली मिरर' की खबर के अनुसार बम हमले के बाद खुफिया जांच अधिकारी जब मोहम्मद हुसैन अब्दुल कादर के घर पर पूछताछ के लिये पहुंचे तो उन्होंने अपने दामाद हाशमी, बेटी अब्दुल कादर फातिमा जादिया और अपनी नातिन की तस्वीर की पहचान की.

जाहरान नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का नेता था. यह आतंकी संगठन देश के सबसे वीभत्स आतंकवादी हमलों में शामिल है. उसने खुद को आलीशान शांगरी-ला होटल के बाहर बम से उड़ा लिया था. उसे उसके भड़काऊ अतिवादी भाषणों के लिये जाना जाता था और देश के मुस्लिम समुदाय ने अधिकारियों को मौलवी के बारे में चेतावनी दी थी.

अब्दुल ने कहा कि हाशमी एक रिश्तेदार के साथ कई बार उनके घर आया था और बताया था कि वह एक मस्जिद में पढ़ाई कर रहा है. हाशमी ने ही उनकी बेटी से शादी का प्रस्ताव दिया था. अब्दुल ने बताया उन्होंने हाशमी के परिवार से भी मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, 'मेरी बेटी उस वक्त 15 साल की थी और मैंने उसके साथ अपनी बेटी का निकाह कर दिया'

उन्होंने बताया, 'उसके दो छोटे भाई और दो छोटी बहनें थीं जो बेहद सामान्य परिवार लग रहे थे'. खबर के अनुसार अब्दुल की बेटी और नातिन श्रीलंका के पूर्वी प्रांत कालमुनई के पास सैंथामारुथु में गोलीबारी और आत्मघाती धमाके में हाल में उस वक्त घायल हो गये थे जब संगठन के लोगों का सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष हुआ था.

उन्होंने बताया, 'मुझे पता चला कि फातिमा और कुछ अन्य अगले दिन कालमुनई में आत्मघाती धमाके में शामिल थे. विस्फोट के बाद खुफिया अधिकारी मेरे घर आये और मुझे उनकी तस्वीरें दिखायीं. मैं अपनी बेटी और नातिन को पहचान गया. मेरा दामाद मोहम्मद कासिम मोहोद जाहरान है'. 

ईस्टर धमाकों से संबंधित आतंकवादियों की शनिवार को श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में छह बच्चे और तीन महिलाओं समेत 15 लोग मारे गये थे. उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलायीं और गोलीबारी के दौरान खुद को बम से उड़ा लिया.

धमाकों के संबंध में अब तक 106 संदिग्ध गिरफ्तार किये गये हैं. इनमें तमिलभाषी एक शिक्षक और एक स्कूल प्रधानाध्यापक भी शामिल है. देश के विदेश मंत्रालय के अनुसार मारे गये लोगों में विदेशियों की संख्या 40 है, जिनमें 11 नागरिक भारतीय हैं.