• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 83,004 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,51,767: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 64,426 जबकि अबतक 4,337 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • आरोग्य सेतु को ओपन-सोर्स किया गया, ऐप का Android संस्करण अब समीक्षा और सहभागिता के लिए उपलब्ध है
  • देश भर में 612 प्रयोगशालाओं में एक दिन में 1.1 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया: आईसीएमआर
  • रेलवे ने 3274 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया; 44+ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया
  • वंदे भारत मिशन के तहत 34 देशों मे 173 उड़ानों और 3 जहाजों का परिचालन किया गया
  • सीपीडब्लूडी ने कोविड-19 के दौरान एयर कंडीशनिंग के उपयोग के बारे में दिशानिर्देश जारी किया
  • सीएसआईआर-आईआईआईएम और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) मिलकर कोरोना वायरस के लिए आरटी-एलएएमपी आधारित जांच किट विकसित करेंगे
  • व्यावसायिक उद्यमों / एमएसएमई संस्थानों के लिए ईसीएलजी योजना अब परिचालन में है
  • सीबीआईसी ने 8 अप्रैल से 25 मई 2020 के बीच 11,052 करोड़ रुपये के 29,230 जीएसटी रिफंड के दावों का का भुगतान किया

मोबाइल डेटा मैपिंग से जमातियों की पहचान, पकड़े जाएंगे कोरोना के 'स्लीपर सेल'

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने मार्च महीने में निज़ामुद्दीन इलाके में जारी मोबाइल फोन डाटा की मैपिंग कर रही है. यानी अब नये सिरे से ये जानकारी मिलेगी कि कोरोना बांटने वाले इस मरकज़ में कौन-कौन और कहां-कहां से शामिल हुआ था.

मोबाइल डेटा मैपिंग से जमातियों की पहचान, पकड़े जाएंगे कोरोना के 'स्लीपर सेल'

नई दिल्ली: तबलीगी जमात के मरकज के मामले में चल रही पुलिस जांच को लेकर एक्सक्लूसिव खबर हमारे पास आई है. दिल्ली पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि मार्च के महीने में निजामुद्दीन मरकज़ के आसपास कितने लोगों के मोबाइल फोन एक्टिव थे और अब उन लोगों की लोकेशन अब कहां है.

मोबाइल डेटा मैपिंग से होगी जमातियों की पहचान

डाटा मैपिंग का मतलब है कि इस इलाके में मार्च महीने में जितने फोन चल रहे थे. उनका पूरा डाटा पुलिस ने इकट्ठा करेगी और उसे खंगाला जाएगा. इसके लिए फोन कंपनियों से डाटा मांगा गया है.

चलिए अब आपको बताते हैं किस तरह मोबाइल मैपिंग के जरिए तबलीगी जमात के लोगों की तलाश किया जाएगा

मोबाइल मैपिंग से कैसे पकड़े जाएंगे जमाती?

  • मोबाइल डेटा के जरिए जमातियों को ट्रेक करने की कोशिश
  • जमातियों के मोबाइल GPS लोकेशन को खंगाला जा रहा है
  • मरकज़ के पास ज्यादा वक्त रुके मोबाइल GSP की ट्रेकिंग
  • GSP के जरिए सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं लोकेशन 
  • मोबाइल डेटा के जरिए मरकज़ में रुके लोगों तक पहुंचेगी पुलिस

सेलफोन से मिलेंगे कोरोना के 'स्लीपर सेल'!

11, 12 और 13 मार्च को निजामुद्दीन के मरकज में हजारों की संख्या में लोग जमा हुए थे. ये लोग मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हो कर वापस भी चले गए. ऐसे में काफी सारे लोग अब भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं. इन सभी के संक्रमित होने का अंदेशा है. सेलफोन के जरिए सारे कोरोना के स्लीपर सेल दबोचे जाएंगे.

मरकज़ में शामिल होकर कहां-कहां गए जमाती?

अब डंप किए गए डेटा की मदद से अब मैपिंग की जाएगी और ये पता लगाया जाएगा कि इस मोबाइल टावर आईडी पर कितने मोबाइल फोन उन दिनों एक्टिव थे. अब उन लोगों की लोकेशन देश के किस हिस्से में है. ताकि उन लोगों तक पहुंचा जा सके और उन सभी का मेडिकल चेकअप हो.

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देशभर में अभी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 3600 से ज्यादा हो गई है. परेशानी की बात ये है कि इनमें से करीब 30 प्रतिशत मरीज निजामुद्दीन मरकज़ से निकले तबलीगी जमात के लोग हैं.

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