सुशांत के फैंस के नाम उनकी बहन का भावुक नोट, कहा भगवान पर रखें भरोसा

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन को करीब 5 महीने हो चुका है लेकिन उनके मौत की वजह अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाई है. तमाम कोशिशों के बाद भी सुशांत से जुड़ा इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है. इसी बीच उनके लिए सोशल मीडिया पर लगातार मुहिम चलाकर इंसाफ मांग रही उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने फिर से एक बार सुशांत के फैंस के नाम ओपन लेटर लिखा है.

 सुशांत के फैंस के नाम उनकी बहन का भावुक नोट, कहा भगवान पर रखें भरोसा

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून, 2020 को हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया. सुशांत के निधन को करीब 5 महीने हो चुका है लेकिन उनके मौत की वजह अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाई है.

तमाम कोशिशों के बाद भी सुशांत से जुड़ा इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है. सुशांत के लिए पूरे देश ने जस्टिस मांगा और इस कैंपेन में उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति भी जुटी रहीं. श्वेता ने कई तरह से उनके लिए इंसाफ की मांग की और आज भी कर रही है. पर इसी बीच श्वेता ने सुशांत के फैंस के नाम एक ओपन लेटर लिखा है.

श्वेता ने इस नोट में लिखा कि वह बहुत ज्यादा तकलीफ से गुजर रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जब भी वह एक सामान्य और रेगुलर जिंदगी जीने की कोशिश करती हैं तभी कोई नया दर्द उभर आता है. जख्म आसानी से नहीं भरते और इसके लिए हमें सब्र रखना चाहिए. अगर हम इसी तरह अपने जख्मों को कुरेदते रहेंगे और चाहेंगे कि वह भर जाए तो ऐसा नहीं होगा बल्कि हालात और भी बुरी हो जाएगी.

इसके साथ ही श्वेता ने लिखा कि वह भाई जिसके साथ बड़े होते हुए जिंदगी का हर सेकेंड बिताया, जो मेरा एक अटूट हिस्सा था और हम साथ मिलकर पूरे होते थे. लेकिन अब वह मेरे साथ नहीं है और यह मानकर आगे जीने है. पर मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है, वह अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते. वह जानते हैं कि दुनिया में बहुत से दुखी दिल है लेकिन वह हरेक नेक दिल को मौका देते हैं.

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आगे लिखते हुए श्वेता ने कहा कि ईश्वर और कुछ नहीं बल्कि दया, प्यार और साथ है. हमें न्याय के लिए आवाज उठाना चाहिए लेकिन शांत ढंग से और एकजुट होकर ताकि हम लगातार कोशिश कर सकें. जोश या गुस्से में आकर हम अपनी ऊर्जा को जल्द नष्ट कर देते हैं.

श्वेता के इस नोट से यह तो स्पष्ट है कि वह आज भी अपने भाई के लिए इंसाफ की गुहार लगा रही हैं. पर क्या उनका यह विश्वास उन्हें और उनके परिवार को इंसाफ दिला पाएगा.