बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने मस्जिद के अवशेषों पर ठोकी दावेदारी

 अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्णायक फैसला आने के बाद से बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी नये नये पैंतरे चलकर मामले को लटकाने की कोशिश कर रही है. अब कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मस्जिद के अवशेष समिति को देने की मांग की है.  

 बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने मस्जिद के अवशेषों पर ठोकी दावेदारी

दिल्ली: बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने बाबरी मस्जिद के अवशेषों की मांग की है. कमेटी का कहना है कि ये मुस्लिम समुदाय की आस्था से जुड़ा मसला है और ये अवशेष उसे ही मिलने चाहिये. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुस्लिम पक्षकारों की पुनर्विचार याचिका बगैर बहस के खारिज होने के बाद अब बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी क्यूरेटिव याचिका दाखिल करेगी.

मस्जिद के अवशेष सौंपने की मांग

बाबरी एक्शन कमेटी अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में क्यूरेटिव याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने जा रही है. क्यूरेटिव याचिका के साथ एक अर्जी लगाई जाएगी, जिसमें बाबरी मस्जिद के अवशेष सौंपने की मांग भी की जाएगी. 

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी सभी पुनर्विचार याचिकाएं

12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने अयोध्या मामले में दाखिल सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था. बंद चैंबर में पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने 18 अर्जियों पर सुनवाई की और सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं. इस मामले में 9 याचिकाएं पक्षकार की ओर से, जबकि 9 अन्य याचिकाकर्ता की ओर से लगाई गई थी.

आ चुका है अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया था. अयोध्या में यह विवाद सदियों से चला आ रहा था. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का मालिकाना हक राम लला को दिया था. जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया था. 

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सुन्नी वफ्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का आदेश

सुन्नी वफ्फ बोर्ड को कोर्ट ने अयोध्या में ही अलग जगह 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि केंद्र या राज्य सरकार अयोध्या में उचित स्थान पर मस्जिद बनाने को जमीन दे. सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही सरकार को एक नया ट्रस्ट बनाने का भी आदेश दिया था जिसे वह जमीन मंदिर निर्माण के लिए दी जाएगी.

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