चाचा ने भतीजे के साथ 'खेला' कर दिया! 20 मिनट तक दरवाजे पर खड़े रहे चिराग

LJP में बगावत के बीच चिराग पासवान के साथ उनके अपने चाचा ने ही खेला कर दिया. नाराजगी इस कदर बढ़ चुकी है कि चिराग अध्यक्ष पद छोड़ने का प्रस्ताव लेकर चाचा के पास गए थे, 20 मिनट तक उनके गेट पर खड़े रहें, लेकिन मुलाकात नहीं हुई.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 14, 2021, 08:16 PM IST
  • चिराग पासवान के इमोशनल कार्ड में नहीं फंसे चाचा पारस
  • चाचा ने भतीजे को कराया इंतजार और नहीं की मुलाकात

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चाचा ने भतीजे के साथ 'खेला' कर दिया! 20 मिनट तक दरवाजे पर खड़े रहे चिराग

नई दिल्ली: चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी में बगावत के बाद वो परेशान हो गए हैं. चिराग अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार तो हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि अब उनके चाचा पशुपति पारस अपने भतीजे से मिलना नहीं चाहते.

भतीजे के साथ कर दिया खेला

सोमवार को खुद कार चलाकर चिराग पासवान चाचा पशुपति पारस के घर पहुंचे. उन्होंने हॉर्न बजाया, गेट नहीं खुला. चिराग की गाड़ी खड़ी रही, 20 मिनट तक पशुपति का गेट नहीं खुला. 20 मिनट बाद जब गेट खुला तब चिराग चाचा के घर के अंदर आए. चिराग जब घर के अंदर पहुंचे तो वहां पशुपति पारस मौजूद नहीं थे. चिराग पासवान करीब एक घंटे तक चाचा से मिलने का इंतजार करते रहे. मुलाकात न हो पाने के बाद बैरंग चिराग पासवान अपने घर लौटे.

मतलब ये कि दिल्ली में चिराग पासवान से उनके चाचा पशुपति पारस नहीं मिले. यानी ये कि चाचा ने भतीजे का खेल कर दिया! पशुपति पारस के घर से चिराग निकल गए. बिना मुलाकात किए ही चिराग पासवान लौट गए. इंतजार करने के बाद भी पशुपति उनसे नहीं मिले.

इस बीच चिराग पासवान ने इमोशनल कार्ड खेला है, वो अब कह रहे हैं कि मां को बनवाना चाहते हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर चिराग ने इस बात का खुलासा अब क्यों किया है जब कुछ ठीक नहीं हो सकता.

'हम पार्टी को तोड़ नहीं रहे हैं'

LJP में मची हलचल के बीच पशुपति पारस ने दिल्ली में मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि वो LJP को तोड़ नहीं रहे हैं बल्कि पार्टी को बचा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चिराग पार्टी में रहना चाहते हैं तो रह सकते हैं. पशुपति पारस ने कहा कि LJP पहले भी NDA में थी, अभी भी है और आगे भी रहेगी.

चाचा-भतीजे की बगावत का अपडेट

रविवार को दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी संसदीय दल की बैठक हुई. लोक जनशक्ति पार्टी के 6 में से 5 सांसद बैठक में मौजूद रहे. चिराग पासवान को छोड़कर बाकी सांसद बैठक में मौजूद रहे. बैठक में चिराग की जगह पशुपति पारस को लोकसभा में पार्टी का नेता चुना गया. पशुपति की अगुवाई में 5 सांसदों ने कल स्पीकर को पत्र दिया. पशुपति कुमार पारस ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बातें रखी.

महबूब अली कैसर को लोकसभा में पार्टी का उपनेता चुना गया. बैठक में चंदन सिंह को लोकसभा में पार्टी का सचेतक चुना गया. नेता, उपनेता, सचेतक के नाम की लिस्ट स्पीकर को देने का फैसला हुआ.

इस बीच एलजेपी सांसद महबूब कैसर का बयान आया कि हमने नेतृत्व परिवर्तन किया. महबूब कैसर बोले कि हम चाहते हैं कि चिराग पार्टी में हमारे साथ रहें.

जब 5 सांसदों ने दिया बुझाया 'चिराग'

रविवार की रात को एलजेपी के पांचों सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की थी और पशुपति पारस को अपना नेता माना है. इसकी जानकारी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को दी.

बिहार के सियासी उठापटक पर आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि 'रामविलास पासवान की आत्मा कराह रही होगी. पैसे के बल पर एलजेपी को बीजेपी ने तोड़ दिया. जनता और पासवान समाज घटना को देख रहा है, इसका जवाब मिलेगा.'

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एलजेपी पर बिहार के मंत्री जीवेश मिश्रा बोले कि ये उनका अंदरूनी मामला है. इसपर टिप्पणी करना उचित नहीं है. एनडीए तोड़ने की नहीं, जोड़ने की राजनीति करती है.

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