पहले 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' और अब 'फिर बनाओ बाबरी', जानें जेएनयू के 5 बड़े विवाद

जेएनयू केंपस में 6 दिसंबर सोमवार को छात्र संघ ने ढांचा गिरने की घटना के विरोध में प्रोटेस्ट मार्च किया. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 7, 2021, 11:23 AM IST
  • संसद के एक अधिनियम के जरिए 1969 में की गई थी स्थापना
  • 1980 में कुलपति के अपमान के चलते 46 दिन बंद रही यूनिवर्सिटी
पहले 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' और अब 'फिर बनाओ बाबरी', जानें जेएनयू के 5 बड़े विवाद

नई दिल्ली: जेएनयू फिर विवादों में है. विवादित ढांचा टूटने के 29 साल बाद, जेएनयू केंपस में 6 दिसंबर सोमवार को छात्र संघ ने इस घटना के विरोध में प्रोटेस्ट मार्च किया. आरोप है कि इस दौरान नारा लगा...'नहीं सहेंगे हाशिमपुरा, नहीं करेंगे दादरी, फिर बनाओ, फिर बनाओ बाबरी. 

रिपोर्ट के मुताबिक JNUSU की तरफ से 6 दिसंबर की रात एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया, जिसमें अयोध्या की बाबरी मस्जिद को इंसाफ दिलाने और दोबारा बनाने की मांग की गई.

ये पहली बार नहीं है जब जेएनयू विवाद में आया है. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की स्थापना इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान संसद के एक अधिनियम के जरिए 1969 में की गई थी. तब से आज तक ये कई बार विवादों में आया है. 

1980 में 46 दिन बंद रही यूनिवर्सिटी
16 नवंबर 1980 से 3 जनवरी 1981 के बीच, 46 दिनों के लिए जेएनयू कैंपस को बंद करना पड़ा था. घटना के अनुसार जेम्स जी राजन नाम के एक छात्र ने कार्यवाहक कुलपति का अपमान किया था. तब इंदिरा गांधी ने  पुलिस को छात्रावासों पर छापा मारने का आदेश दिया था.  

अफजल और भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे

9 फरवरी 2016 को जेएनयू कैंपस में कुछ अज्ञात युवकों ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी की सजा दिए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे भी लगाए थे. आरोप में तत्कालीन जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

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हॉस्टल फीस वृद्धि पर हंगामा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल फीस वृद्धि की घोषणा की तो जेएनयू छात्र सड़कों पर उतर आए थे. छात्रों ने राष्ट्रपति से मुलाकात करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज और पानी की बौछार भी की.

विवेकानंद की प्रतिमा के पास लिखा अपशब्द
हॉस्टल फीस वृद्धि का विरोध कर रहे छात्रों पर कई आरोप लगे. कुलपति से बात करने के लिए वे प्रशासनिक खंड में घुस गए थे. यहां की दीवारों पर कुलपति के बारे में और परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा में पैरों की ओर कई आपत्तिजनक शब्द लिखे मिले.

नकाबपोशों ने की हिंसा
2020 में 5 जनवरी को तकरीबन 7 बजे जेएनयू परिसर में लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया. परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा. इस हिंसा के दौरान 13 से अधिक छात्र घायल हो गए. बाद में छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण भी जेएनयू पहुंची थीं. 

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