नई दिल्ली: भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने हथियारों की खरीद के लिए तकरीबन 22,800 करोड़ का बजट निर्धारित किया है. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना को छह पी8 आई पंडुब्बी रोधी युद्धक जेट विमान स्वदेश निर्मित हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली (अवॉक्स) विमान के अलावा सैन्य गतिविधियों के सामान खरीदे जा रहे हैं. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस हथियारों की खरीद को रक्षा खरीद परिषद की हुई मीटिंग के बाद मंजूरी दे दी. मंत्रालय ने जानकारी दी कि पी 8 आई पनडुब्बी रोधी युद्धक जेट के भारतीय जंगी बेड़े में शामिल हो जाने से नौसेना को काफी मजबूती मिलेगी.
आइएनएस रजाली पर तैनात खड़े हैं आठ पनडुब्बी रोधी हथियार
पनडुब्बी रोधी युद्धक जेट के हथियारों की श्रेणी में शामिल किये जाने के बाद नौसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. यह समुद्र तट की निगरानी तो करेगी ही, साथ ही इससे सुरक्षित होगा समुद्री व्यापार भी. फिलहाल नौसेना के पास उच्च श्रेणी के 8 पी8आई पंडुब्बी रोधक हथियार हैं. उनको तमिलनाडु के अरक्कोणम के पास आईएनएस रजाली पर तैनात किया गया है. इसके अलावा रक्षी खरीद परिषद ने दोहरे इंजन वाले हेलिकॉप्टरों की खरीददारी करने की मंजूरी भी दे दी है.
समुद्री आतंकवाद का काम होगा तमाम
भारतीय तटरक्षक बल जो देश में आतंकियों की समुद्री रास्ते से घुसपैठ को रोकने के लिहाज से काम करता है, उसके लिए यह इस नई तकनीक से और भी आसान हो जाएगा. समुद्री आतंकवाद को काफी कम किया जा सकेगा और भारतीय सीमा सुरक्षित रहेगी. यहीं नहीं रक्षा मंत्रालय ने असॉल्ट राइफल्स के लिए थर्मल इमेजिंग नाइट साइट की खरीददारी को भी मंजूरी दे दी है. भारतीय नौसेना को इससे खराब मौसम में भी दूर तक निगरानी रख पाने या लक्ष्य साधने में आसानी होगी.
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रात में मिसाइल परीक्षणों की झड़ी लगा रहा है भारत
इसके अलावा भी भारत ने कई ऐसे प्रयास शुरू किए हैं जिससे रात के समय में भी मारक क्षमता को बढ़ाया जा सके. भारत ने रात में मिसाइल का परीक्षण करना शुरू कर दिया है ताकि दुश्मन के इरादों को अंजाम देने से पहले ही उसे तबाह कर के खतरे को टाला जा सके. भारत ने के-4 मिसाइल जो भारतीय नौसेना की ओर से परीक्षण किए जाने को तैयार की जा रही है, उसे भी जल्द ही टेस्ट कर बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई है. अग्नि-2 और पृ्थ्वी-2 का तो परीक्षण भी कर लिया गया है.
भारत के इन परीक्षणों से दुश्मन सेना के दांत खट्टे किए जा सकते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं.
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